राज्यभर का दौरा राजेश ठाकुर के लिए बनेगा लिटमस टेस्ट !

रांची। झारखंड में कांग्रेस में एक बार फिर से जान फूकने की तैयारी की गई है। नए प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी राजेश ठाकुर को दी गई है। ऐसे में राजेश ठाकुर के सामने बड़ी राजनीतिक चुनौती है कि वे राज्य में संगठन को संगठित कर पाएंगे या नहीं। यह एक बड़ा सवाल राजनीतिक जगत में चर्चा का विषय भी है।

वैसे झारखंड  में कांग्रेस को लेकर कई चर्चा भी है। कई बड़े दिग्गज नेताओं को धराशाई करते हुए पार्टी लाईन के कुछ मापदंडो को तोड़ते हुए राजेश ठाकुर ने प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। वह भी वैसे समय में जब सरकार में रहते हुए भी कांग्रेस के कई नेता सरकार के खिलाफ मुहिम चलाते नजर आते रहे हैं।

हालांकि इसपर अभी काफी गौर नहीं किया जा रहा है लेकिन राजेश ठाकुर की टीम में आदिवासी नेता बंधु तिर्की और गीता कोड़ा को महत्वपूर्ण स्थान देने के बाद राजेश ठाकुर के राज्य के कई इलाकों में बड़ा बल मिला है।

हालांकि राजेश ठाकुर राज्य के विभिन्न जिलों में जाकर पार्टी के एजेंडे पर कार्य कर रहे हैं, उससे लगता है कि शायद झारखंड जैसे राज्य मे- जहां कदम-कदम पर एक अलग राजनीति चलती है, वहां अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में सफल हो पाएंगे। वैसे भी राज्य में पार्टी के सामने कई चुनौतियां हैं, लेकिन पहले दौर में राजेश ठाकुर और उनकी टीम ने पार्टी के अंदर अपनी अलग पहचान बना तो जरुर ली है।

हालांकि राज्य भर के दौरे के बाद जब एक बार संगठन के साथ मिलकर पार्टी के महत्वपूर्ण एजेंडे पर कारगर रूप से कार्य करने की जरुरत महसूस होगी, तब राजेश ठाकुर की असली परीक्षा होगा। क्योंकि झारखंड कांग्रेस में एक साथ कई धाराओं की राजनीति चलती रहती है।