रांची। सत्ता व विपक्ष दोनों के लिए बड़ी चुनौती बना मधुपुर विधानसभा का उपचुनाव

रांची। झारखंड के मधुपुर विधानसभा में होनेवाला उपचुनाव राज्य की सत्ताधारी दल और विपक्ष के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। दरअसल 17 अप्रैल को यहां विधानसभा सीट के लिए मतदान होना है। ऐसे में राज्य में विपक्षी पार्टी बीजेपी के नेताओं ने दावा किया है कि इस सीट पर अगर बीजेपी का प्रत्याशी जीत हासिंल करता है तो राज्य में चल रही हेमंत सोरेन की सरकार गिर जाएगी।

झारखंड में मधुपुर विधानसभा के उपचुनाव में विपक्षी पार्टी बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे ने जिस तरीके से दावा किया है कि अगर दो मई के परिणाम में बीजेपी के प्रत्याशी गंगा नारायण की जीत होती है तो 10 मई को राज्य में बाबूलाल मुख्यमंत्री होंगे। इस बयान के बाद राज्य में राजनीति भी तेज हो गई है।

निशिकांत का यह बयान जैसे ही सामने आया, वैसे ही सरकार की सहयोगी पार्टी कांग्रेस के नेताओं ने निशिकांत और बीजेपी पर तीखा प्रहार किया है। कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने तो सीधे निशिकांत पर हमला बोला है। इरफान का कहना है कि निशिकांत दुबे इलाके में भगौड़ा है। उनपर की मामले दर्ज हैं ऐसे में वे मधुपुर कैसे पहुंच गए यह भी बड़ा सवाल है। इरफान ने अपनी सरकार के पुलिस अधिकारियों पर भी सवाल खड़े किए हैं।  हालांकि निशिकांत दुबे मधुपुर पहुंचकर चुनावी सभा में भी शामिल हुए और एक मामले में स्थानीय पुल्स स्टेशन भी पहुंचे र कुछ दस्तावेज भी थाने में जमा किया।

बहरहाल राज्य में हेमंत सरकार को गिराने को लेकरप बीजेपी के नेताओं की तरफ से पहली बार दावा नहीं किया जा रहा है। लेकिन मधुपुर के उपचुनाव में भी इस तरह का दावा राज्य के राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।