रांची : किरकिरी होने के बाद पीछे हटी सरकार, कहा- जुर्माने की राशि अभी तय नहीं
- By admin --
- 26 Jul 2020 --
- comments are disable
झारखंड में कुछ दिनों पहले लाए गए संक्रामक रोग अध्यादेश को लेकर सरकार की काफी किरकिरी थी । हंगामा इस कदर मचा है कि एक तरफ जहां इस अध्यादेश के लागू होने के बाद आम आदमी 1 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना के नाम से ही खौफ खा रहा है, वहीं दूसरी ओर सियासी दल इसे काला अध्यादेश का नाम दे रहे हैं।
सत्तारुढ़ पार्टी की ओर से भी इस अध्यादेश पर सफाई दी गई है। शनिवार को इस मामले में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने भारतीय जनता पार्टी पर संक्रामक रोग अध्यादेश को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। जबकि भाजपा की ओर से 1 लाख जुर्माने की व्यवस्था वाले संक्रामक रोग अध्यादेश को काला अध्यादेश करार दिया है।
हालांकि राज्य की हेमंत सरकार ने अध्यादेश को लेकर फैली भ्रांतियां दूर करने के लिए प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अभी दंड-जुर्माना की राशि तय नहीं किए जाने की बात कही है।
कोरोना रोकथाम के नाम पर एक लाख के भारी-भरकम जुर्माने से पीछे हटते हुए सरकार ने शुक्रवार को कहा कि दंड की राशि अभी तय नहीं है। राज्य सरकार की ओर से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा गया है कि आगे रेगुलेशन जारी कर नियम के उल्लंघन के हिसाब से दंड की राशि तय की जाएगी।
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से राज्य से संबद्ध संक्रामक रोग अध्यादेश 2020 का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि आम लोगों में जुर्माने को लेकर फैली भ्रांतियां सही नहीं है। यह कोरोना वायरस के रोकथाम के लिए फौरी तौर पर किया गया उपाय है। जुर्माने की राशि अभी तय नहीं है।