रांचीः कोयला कामगारों का तीसरे दिन भी हड़ताल असरदार रहा
- By admin --
- 04 Jul 2020 --
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कॉमर्शियल माइनिंग के विरूद्ध देशव्यापी तीन दिवसीय हड़ताल के तीसरे दिन शनिवार को भी कोयला खनन क्षेत्रों में उत्पादन , ढुलाई और डिस्पैच करने का काम पूरी तरह से प्रभावित रहा। हड़ताल के तीनों दिन कोयला कामगारों ने सड़क पर उतर प्रदर्शन किया। इस दौरान कोयला कर्मियों ने अपने कंपनी मुख्यालय और कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन भी किया।
केंद्रीय श्रमिक यूनियनों की संयुक्त फोरम की ओर से दावा किया गया है कि तीन दिवसीय हड़ताल पूरी तरह से सफल रहा है। राजधानी रांची के कांके रोड स्थित सीएमपीडीआई मुख्यालय के बाहर भी शनिवार को कोयला कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे श्रमिक नेताओं ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि निजीकरण की प्रक्रिया पर यदि तत्काल रोक नहीं लगायी, तो आने वाले समय में यह आंदोलन और तेज होगा। साथ ही सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
सीएमपीडीआई मुख्यालय के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन में यूनियन के सदस्य अशोक यादव, के बी शिरोमणि, दीप्ति रानी, हुनमनी, समीर विश्वास, राज कुमार सिंह, पवन सिंह उपस्थित थे।
धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, रामगढ़, हजारीबाग और चतरा में भी कोयला कामगारों की हड़ताल का खासा असर देखा गया। कोल इंडिया में तीन दिवसीय हड़ताल के अन्तिम दिन भी विभिन्न कोलियरियों में मजदूर पहुंचे, लेकिन हाजिरी नहीं बनाया। हड़ताल के दौरान जगह-जगह नुक्कड़ सभा के माध्यम से मजदूरों के हित को लेकर संघर्ष तेज करने को लेकर एकजुटता प्रदर्शित की गयी। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।