रांचीः राज्यसभा चुनाव-जेएमएम और बीजेपी के खाते में गई एक-एक सीट

झारखंड की दो राज्यसभा सीटों पर जेएमएम के शिबू सोरेन और बीजेपी के दीपक प्रकाश ने जीत दर्ज की है। आपको बता दें कि दीपक प्रकाश को 2 निर्दलीय समेत 31 विधायकों का समर्थन मिला। वहीं, जेएमएम प्रमुख शिबू सोरेन को 30 वोट मिले। राज्यसभा चुनाव में  कांग्रेस दूर-दूर तक मुकाबले में नहीं रही।

मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस को 18 विधायकों का ही समर्थन हासिल हो सका। जिसमें 15 कांग्रेस 2 बंधु और प्रदीप के साथ 1एनसीपी का साथ मिला, जबकि चुनाव में जीत के लिए 27 विधायकों के वोटों की जरूरत थी। राज्यसभा चुनाव में 79 विधायकों ने मतदान किया। आपको बता दें कि दुमका सीट सीएम द्वारा खाली किया गया है, जबकि बेरमो सीट पर कांग्रेस विधायक का निधन होने के कारण ये सीट अभी खाली है।

झारखंड विधानसभा के नए भवन में राज्य सभा चुनाव के लिए वोटिंग की प्रक्रिया 9 बजे सुबह शुरू हुई। सबसे पहले भाजपा की ओर से विधायक ढुल्लू महतो वोटिंग के लिए पहुंचे। लेकिन पहले से चुनाव एजेंट के रूप में मौजूद यूपीए के भूषण तिर्की ने अपना पहला मत डाला। ढुल्लू महतो कोर्ट की इजाजत लेकर मतदान करने पहुंचे थे।

पहला वोट भूषण तिर्की ने और अंतिम वोट सरयू राय ने डाला

निर्दलीय विधायक सरयू राय ने लगभग 2:30 बजे दोपहर में मतदान किया। वे इस राज्य सभा चुनाव में अंतिम मतदाता के रूप में मतदान करने आए थे। हालांकि यूपीए के भूषण तिर्की ने सबसे पहले इस राज्यसभा चुनाव में मतदान किया।

बसों में सवार होकर पहुंचे भाजपा के विधायक

भाजपा के विधायक एक रणनीति के तहत दो बसों में सवार होकर विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में एक साथ विधानसभा परिसर में पहुंचे। इसी क्रम में उन्होंने भीतर जाकर मतदान भी किया। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम माथुर और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के अलावा भाजपा के प्रत्याशी प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश भी इस मौके पर साथ में थे।

 विधायकों को दी गई कोविड-19 की सुरक्षा

मतदान के लिए विधानसभा के मुख्य द्वार में प्रवेश करने के पहले सभी विधायकों को बारी-बारी से थर्मल स्कैनर से टेंप्रेचर की जांच की गई। किसी भी विधायक का टेंप्रेचर सामान्य से अधिक नहीं पाया गया। इसके बाद हर विधायक को ग्लब्स दिया गया और उनके हाथों को सैनिटाइज किया गया। इसके बाद उनके सिर पर कवर लगाने के साथ ही चेहरे के सामने भी फेस कवर लगाया गया। तब फिर उन्हें मतदान के लिए भीतर जाने दिया गया।