रांचीः क्यों छिड़ी होल्डिंग टैक्स को लेकर निगम और सरकार के बीच विवाद

रांचीः क्यों छिड़ी होल्डिंग टैक्स को लेकर निगम और सरकार के बीच विवाद

राजधानी रांची में होल्डिंग टैक्स कलेक्शन को लेकर विवाद फिर बढ़ गया है। होल्डिंग टैक्स कलेक्शन करने वाली कंपनी स्पैरो सॉफ्ट को नगर निगम बोर्ड ने 3 साल का एक्सटेंशन दिया है। लेकिन कंपनी ने फिलहाल निगम को पत्र लिखकर स्पष्ट कर दिया कि एक्सटेंशन को वह स्वीकार नहीं करता है।

सरकार भी अपने स्तर से टैक्स कलेक्शन को लेकर एजेंसी चयन की प्रक्रिया कर रही है। इधर, नगर विकास विभाग की एजेंसी सुडा ने एजेंसी चयन को लेकर निकाले गए टेंडर को स्थगित नहीं किया है। इस पर मेयर आशा लकड़ा ने कड़ी आपत्ति की है।

मेयर ने कहा कि रांची में टैक्स कलेक्शन का टेंडर निगम ही निकालेगा। सूडा के पास टेंडर निकालने का कोई अधिकार नही है। अगर सूडा टैक्स कलेक्शन के लिए किसी कंपनी का चयन करता है तो निगम उसे नही मानेगा।मेयर ने कहा कि टैक्स कॉलेक्शन से लेकर टैक्स निर्धारण का अधिकार नगर निगम के पास है।

सरकार को इसमें हस्तक्षेप नही करना चाहिए। नगर विकास विभाग ने अभी तक निगम से इस संबंध में कोई बात नही की है। मेयर ने कहा की उन्होंने मुख्मंत्री सह नगर विकास मंत्री को इस संबंध में पत्र भी लिखा है। कानूनविद से मंतव्य भी मंगवाया है।

 इसमे साफ लिखा है कि टैक्स कलेक्शन के लिए टेंडर निकालने का अधिकार नगर निकाय के पास ही है। उन्होंने कहा कि अगर सूडा जबरन किसी कंपनी का चयन कर टैक्स कलेक्शन के लिए अधिकृत करता है तो रांची नगर निगम क्षेत्र में होल्डिंग टैक्स कलेक्शन बंद करा दिया जाएगा।