रांची। हेमंत सोरेन के बाद कौन बनेगा मुख्यमंत्री, बना यक्ष प्रश्न !
- By rakesh --
- 26 Aug 2022 --
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जेएमएम को वक्त और परिस्थितियों का इंतजार
रांची। झारखंड में राजनीतिक हलचल के बीज यूपीए खेमें में इस बात की चर्चा है कि अखिर हेमंत सोरेन के हट जाने के बाद कौन-कौन मुख्यमंत्री बन पाने की स्थिति में हों। सबसे पहले यूपीए खेमे में चर्चा है कि अगर सोरेन परिवार से ही किसी को सीएम बनाया जाए, तो सबुछ ठीक रहेगा। इसपर पार्टी और यूपीए में कई बार चर्चा होने की खबर है। जेएमएम के लिए हेमंत सोरेन के बाद कौन बनेगा मुख्यमंत्री बन गया यक्ष प्रश्न !
शिबू सोरेन के नाम पर चर्चा !
पहला नाम दिशोम गुरु शिबू सोरेन को लेकर सामने आया। लेकिन इसमें भी कई तरह के पेंच दिखाई पड़ रहे हैं। जानकारों के अनुसार जेएमएम अध्यक्ष शिबू सोरेन पर लोकपाल में एक मामला चल रहा है। इसमें 25 अगस्त को सुनवाई हुई है। इस सुनवाई को भी अंतिम चरण में माना जा रहा है। इसलिए शिबू सोरेन को सीएम बनाने के बाद भी यूपीए का संकट खत्म नहीं हो पाएगा।
कल्पना सोरेन के नाम पर बातचीत!
दूसरे नाम के रूप में हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन के नाम पर चर्चा है। कल्पना सोरेन ओडिया से आती है। जानकार बताते हैं कि झारखंड में ऐसा कानून है कि दूसरे राज्य के लोग रिजर्व सीट पर चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। साथ ही साथ कल्पना सोरेन पर भी सरकार की एक भूखंड को आवंटित कराने का मामला है। इसलिए उनपर भी यूपीए दाव नहीं खेल सकता है। यानि कि कल्पना सोरेन को भी सीएम बनाने के परहेज किया जा सकता है।
बसंत को लेकर भी चर्चा !
तीसरा नाम बसंत सोरेन का आता है। लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तरह ही बसंत सोरेन पर इसी तरह का ममाला चुनाव आयोग में है, जिसपर सुनवाई जारी है। ऐसे में बसंत सोरेन पर भी दाव नहीं खेला जा सकता है।
सीता सोरेन पर बातचीत !
अब इस बात की चर्चा है कि गुरुजी की बड़ी बहु और हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन को सीएम बनाया जाए। लेकिन यहां भी कल्पना सोरेन की तरह उड़ीसा का मामला सामने आता दिखाई पड़ रहा है। हालांकि इस बारे में कानून के जानकार ही बता पाएंगे कि आखिर किसी तरह की अड़चन है या नहीं। लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास एक संकट आएगा, कि अगर सीता सारेन को सीएम बनाया जाता है, तो फिर वापस अगर हेमंत को सीएम की कुर्सी संभालने का मौका मिलता है, तो कैसे निपटेंगे।
जेएमएम के कई दिग्गज विधायक सीएम की दौड़ में !
इसके अलावा जेएमएम खेमे के कई विधायकों के नाम पर मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल होने की बात सामने आ रही है। सबसे पहले विधायक चंपई सोरेन, स्टीफेन मरांडी, मथुरा महतो, जोबा मांझी इन सारे नामों को लेकर भी पार्टी के अंदरखाने में चर्चा है। लेकिन राजनीति है और एक बार सत्ता गुरुजी के परिवार के बाहर चली जाएगी, तो क्या फिर वापस लौट पाना आसान होगा, इसपर भी लगातार मंथन जारी है।
ऐसे में राज्य में एक बार जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कुर्सी बचाने की चुनौती है, वहीं अपने परिवार और पार्टी दोनों को सुरक्षित जोन में रखकर कार्य करने की जरुरत महसूस हो रही है। हालांक कानून के विशेषज्ञों के साथ साथ हेमंत सोरेन के सलाहकारों की तरफ से लगातार इसपर मंथन जारी है। वक्त और परिस्थितियों का इंतजार है।