रांची। विधायक लोबिन के बयान पर राजनीति गर्म, बीजेपी ने खड़े किए सवाल

जेएमएम विधायक के बयान से राजनीति गर्म

रांची। झारखंड में राजनेताओं के बयानों पर तू-तू मैंमैं अक्सर होती रहती है। लेकिन जब राज्य में कोई संवेदनशील मुद्दा को तो शायद राजनेताओं को संयम बरतना चाहिए। लेकिन राज्य में लगातार दुष्कर्म की घटनाओं में हो रही बढ़ोत्तरी पर सवाल खड़े होने लगे हैं। लेकिन कई ऐसे नेता हैं जो इस तरह के मुद्दों पर भी कुछ ऐसा बोल जाते हैं, जिससे राजनीति होने लगती है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जब  दुष्कर्म जैसी घटना पर जेमएम के विधायक लोबिन हैम्ब्रोम का बयान आया और राजनीति तेज हो गई।

क्या कहा है लोबिन ने

राज्य में सरकार चला रही पार्टी जेएमएम के विधायक हैं लोबिन हैम्बोम । अपने बयानों के साथ हमेशा सुर्खियों में रहनेवाले लोबिन एक बार फिर अपने बयानों को लेकर राजनीतिक जगत में चर्चा का विषय बन गए हैं। दरअसल राज्य में बढ़ते अपराध … खासकर दुष्कर्म जैसी घटनाओं पर सवाल किया गया तो उन्होंने अपने अंदाज में इसपर प्रतिक्रिया दी। जरा एक बार फिर से देखिए लोबिन हैम्बोम ने कहा है कि लड़का-लड़की फोन बर बात करता है और इसके बाद शाम को बाहर निकल जाता है। ऐसे में घटनाएं घट जाती है।

बीजेपी ने खड़े किए सवाल

अब जब इस तरह की बात निकली तो चर्चा होना लाजमी था। राज्य  में विपक्षी पार्टी बीजेपी भी इस तरह के मामले को खाली हाथ जाने कैसे देती… पार्टी के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने जहां अपने ट्यूटर एकाउंट पर इस वीडियो को पोस्ट किया, वहीं पार्टी की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि राज्य में सत्ताधारी दल के विधायक और नेता अगर इसतरह के विचार को लेकर कार्य करेंगे, तो आनेवाले समय में राज्य में कानून-व्यवस्था कैसे सुधरेगी।

पुलिस कप्तान ने क्या कहा

मामला चूकि कानून व्यवस्था का है.. ऐसे में कानून का पालन करानेवाली पुलिस की तरफ से भी जवाब दिया गया। धनबाद में अपनी पुलिसिया टीम के साथ कानून-व्यस्था को दुरुस्त करने को लेकर रणनीति बनाने के बाद राज्य के डीजीपी एमवी राव ने साफ किया है कि किसी भी स्थिति में कानून व्यवस्था पर आंच नहीं आएगी। साथ ही उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि पुलिस को राजनीति से लेना-देना नहीं है। एमवी राव ने कहा है कि पिछले 35 साल से वे आइपीएस हैं। ऐसे में अपराध और कानून-व्यस्था की जानकारी उन्हें है। लोग अगर दूसरे नजरिए से पुलिस और कानून-व्यवस्था को देखेंगे तो फिर वे क्या कर सकते हैं।

बहरहाल झारखंड में अपराध और नक्सलवाद दोनों को लेकर लंबे समय से कार्रवाई की जा रही है। लेकिन राज्य में सामाजिक और राजनीतिक परिवेश कुछ इस प्रकार से बिगड़ रहे हैं कि कानून व्यववस्था पर असर पड़ा है। अब एक बार फिर से राजनीतिक दल,पुलिस और समाज के लोगों को तेजी से सार्थक दिशा में कदम बढ़ाने की जरुरत है, जिससे सामाजिक अपराध पर लगाम लगाई जा सके।