बिहार को मिलेगी बुलेट ट्रेन की सौगात! दिल्ली से गुवाहाटी रूट में शामिल होगा पटना

बिहार को मिलेगी बुलेट ट्रेन की सौगात! दिल्ली से गुवाहाटी रूट में शामिल होगा पटना

पटना: बिहार की राजधानी पटना को भविष्य में हाई स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ने की योजना सामने आई है। प्रस्तावित नॉर्दर्न कॉरिडोर के तहत दिल्ली से गुवाहाटी तक बुलेट ट्रेन चलाने की परिकल्पना की गई है। इस रूट में पटना समेत उत्तर भारत और पूर्वोत्तर के कई प्रमुख शहरों को शामिल करने का प्रस्ताव है। योजना के मुताबिक, दिल्ली से पटना तक की यात्रा करीब साढ़े चार घंटे में पूरी हो सकती है। हालांकि, इसके लिए अभी परियोजना की विस्तृत योजना, निर्माण और परिचालन से जुड़ी औपचारिक जानकारियां सामने आना बाकी हैं।

पीएम मोदी ने नॉर्दर्न कॉरिडोर को दी मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रस्तावित बुलेट ट्रेन परियोजना के नॉर्दर्न कॉरिडोर को मंजूरी दी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को वाराणसी में इसकी जानकारी दी। प्रस्तावित कॉरिडोर दिल्ली से गुवाहाटी तक होगा। इसका उद्देश्य उत्तर भारत, बिहार और पूर्वोत्तर के प्रमुख शहरों को हाई स्पीड रेल नेटवर्क के माध्यम से जोड़ना है।

इस योजना में बिहार की राजधानी पटना को भी शामिल किए जाने का प्रस्ताव है। इससे पटना और दिल्ली के बीच यात्रा का समय कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, परियोजना के अलग-अलग चरणों और पटना तक इसके क्रियान्वयन की समयसीमा को लेकर अभी विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

दिल्ली से पटना पहुंचने में लगेंगे 4 घंटे 33 मिनट?

प्रस्तावित यात्रा समय के अनुसार, दिल्ली से वाराणसी तक का सफर करीब 3 घंटे 33 मिनट में पूरा होने का अनुमान है। वहीं, वाराणसी से पटना पहुंचने में लगभग एक घंटे का समय लग सकता है। इन दोनों समय को जोड़ने पर दिल्ली से पटना की यात्रा करीब 4 घंटे 33 मिनट की बनती है।

हालांकि, यह समय घोषित खंडों के अनुमान के आधार पर निकाला गया है। दिल्ली से पटना के बीच बुलेट ट्रेन का वास्तविक यात्रा समय, बीच के स्टॉपेज और परिचालन व्यवस्था की आधिकारिक जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है। इसलिए 4 घंटे 33 मिनट को फिलहाल संभावित यात्रा समय के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

नौ प्रमुख शहरों को जोड़ने की है योजना

प्रस्तावित नॉर्दर्न कॉरिडोर में दिल्ली से गुवाहाटी के बीच कई प्रमुख शहरों को जोड़ने की योजना है। इस रूट में आगरा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, पटना और सिलीगुड़ी जैसे शहर शामिल किए जाने का प्रस्ताव है।

इस हाई स्पीड रेल नेटवर्क से उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वोत्तर के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है। लंबी दूरी की यात्रा में लगने वाला समय कम होने से यात्रियों को सुविधा मिल सकती है। साथ ही, प्रमुख शहरों के बीच संपर्क बढ़ने से व्यापार, शिक्षा और अन्य गतिविधियों के लिए भी आवागमन सुगम हो सकता है।

पटना के यात्रियों को क्या होगा फायदा?

बुलेट ट्रेन परियोजना पर काम आगे बढ़ने और पटना तक सेवा शुरू होने की स्थिति में दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों को इसका लाभ मिल सकता है। फिलहाल लंबी दूरी की रेल यात्रा में काफी समय लगता है। हाई स्पीड रेल सेवा शुरू होने पर नौकरीपेशा लोगों, कारोबारियों, विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों के लिए यात्रा का समय घट सकता है।

हालांकि, यात्रियों को मिलने वाली वास्तविक सुविधा का आकलन किराया, स्टेशन की लोकेशन, ठहराव और ट्रेन के परिचालन से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद ही किया जा सकेगा। पटना में स्टेशन कहां बनेगा और सेवा किस समय-सारिणी के तहत चलेगी, इस पर भी आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

मेक इन इंडिया के तहत होगा निर्माण

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, बुलेट ट्रेन परियोजना में मेक इन इंडिया पर विशेष जोर दिया जाएगा। परियोजना से जुड़े खंभों और गर्डर जैसे निर्माण कार्यों में देश में ही तैयार सामग्री और निर्माण क्षमता को बढ़ावा देने की योजना है।

इसका उद्देश्य हाई स्पीड रेल से जुड़ी तकनीक और निर्माण क्षेत्र में घरेलू उद्योगों की भागीदारी बढ़ाना है। इससे देश में इस तरह की बड़ी रेल परियोजनाओं के लिए जरूरी निर्माण क्षमता विकसित करने में मदद मिल सकती है।

पटना में कब चलेगी बुलेट ट्रेन?

नॉर्दर्न कॉरिडोर को मंजूरी मिलने के बाद अब परियोजना के अगले चरणों और विस्तृत योजना से जुड़ी जानकारियों पर नजर रहेगी। पटना तक निर्माण कब शुरू होगा, बुलेट ट्रेन सेवा कब उपलब्ध होगी और इसका किराया कितना होगा, इन सवालों के जवाब अभी सामने आने बाकी हैं।

फिलहाल प्रस्तावित योजना में पटना को दिल्ली और पूर्वोत्तर के बीच हाई स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ने की परिकल्पना की गई है। यदि यह योजना निर्धारित रूप में आगे बढ़ती है, तो बिहार के यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए एक नया विकल्प मिल सकता है।

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