टाटा स्टील ने दूसरी तिमाही में कमाए 3,699 करोड़ रुपये, 11 नवंबर को होगा बड़ा बदलाव

टाटा स्टील ने दूसरी तिमाही में कमाए 3,699 करोड़ रुपये, 11 नवंबर को होगा बड़ा बदलाव

जमशेदपुर: टाटा स्टील ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर 2026 के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने इस दौरान 3,699.59 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के मुकाबले 16.2 प्रतिशत अधिक है। वहीं, कंपनी की परिचालन आय में भी 11.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वित्तीय प्रदर्शन के साथ कंपनी के नेतृत्व में बदलाव की घोषणा भी हुई है। गैर-कार्यकारी निदेशक और उपाध्यक्ष नोएल नवल टाटा 11 नवंबर 2026 को अपने पद से कार्यमुक्त होंगे।

टाटा स्टील के मुनाफे में 16.2 प्रतिशत की वृद्धि

टाटा स्टील ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 3,699.59 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ अर्जित किया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में कंपनी के प्रदर्शन की तुलना में इस बार मुनाफे में 16.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कंपनी की कुल परिचालन आय भी बढ़कर 65,436.24 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 11.5 प्रतिशत अधिक है।

कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में भारतीय कारोबार की अहम भूमिका रही। घरेलू बाजार में इस्पात की मांग और परिचालन गतिविधियों में सुधार से कंपनी को लाभ मिला है।

भारतीय कारोबार से राजस्व में 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी

टाटा स्टील के भारतीय कारोबार का शुद्ध मुनाफा 20 प्रतिशत बढ़कर 5,055 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, इस कारोबार से कंपनी को 42,653 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले साल की समान अवधि से 23 प्रतिशत अधिक है।

उत्पादन और आपूर्ति के मोर्चे पर भी कंपनी ने बढ़त दर्ज की। भारत में कच्चे इस्पात का उत्पादन सात प्रतिशत बढ़कर 6.18 मिलियन टन रहा। वहीं, इस्पात की आपूर्ति में 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 5.98 मिलियन टन तक पहुंच गई। ऑटोमोटिव क्षेत्र से मिली मांग और कंपनी के प्रमुख ब्रांड टाटा टिस्कॉन सरिया की बिक्री ने घरेलू कारोबार को मजबूती दी।

यूरोप में परिचालन घाटा घटाने में मिली सफलता

यूरोपीय कारोबार में भी टाटा स्टील के प्रदर्शन में सुधार दर्ज किया गया है। नीदरलैंड में डायरेक्ट शीट प्लांट दोबारा शुरू होने से परिचालन दक्षता बेहतर हुई। इस इकाई ने तिमाही के दौरान 7.2 करोड़ यूरो का EBITDA हासिल किया।

ब्रिटेन में आयात के दबाव और मांग में सुस्ती के बावजूद कंपनी परिचालन घाटा घटाने में सफल रही। यहां परिचालन घाटा 22 प्रतिशत कम होकर 8.3 करोड़ पाउंड रह गया। कंपनी के सीईओ और प्रबंध निदेशक टी.वी. नरेंद्रन ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच ग्राहकों का भरोसा और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला बिक्री को गति देने में सहायक रहे हैं।

नीलाचल इस्पात का विस्तार और विलय अंतिम चरण में

टाटा स्टील भविष्य की उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रही है। कंपनी के सीएफओ कौशिक चटर्जी के अनुसार, नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (NINL) की क्षमता को 4.8 MTPA तक विस्तारित करने का काम तेजी से जारी है। टाटा स्टील में नीलाचल इस्पात के विलय की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है।

कंपनी ने दूसरी तिमाही के दौरान पूंजीगत व्यय यानी कैपिटल एक्सपेंडिचर पर 3,280 करोड़ रुपये खर्च किए। वहीं, इस अवधि में कंपनी का कुल शुद्ध कर्ज 91,423 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

11 नवंबर को पद छोड़ेंगे नोएल नवल टाटा

वित्तीय नतीजों के साथ टाटा स्टील ने नेतृत्व से जुड़ा अहम बदलाव भी घोषित किया है। कंपनी के गैर-कार्यकारी निदेशक और उपाध्यक्ष नोएल नवल टाटा 11 नवंबर 2026 को अपने पद से कार्यमुक्त होंगे। यह बदलाव कंपनी के नेतृत्व से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं में शामिल है। दूसरी तिमाही के वित्तीय प्रदर्शन और नेतृत्व में बदलाव के बाद कंपनी के आगामी कारोबारी कदमों पर निवेशकों की नजर रहेगी।

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