झारखंड में एक बार फिर अफीम की खेती…उड़ता झारखंड बनने से रोक रही है पुलिस …

रांची। झारखंड के कई ईलाकों में धड़ल्ले से अफीम की खेती जारी है। झारखंड की पुलिस अलग-अलग ईलाकों में अफीम की खेती नष्ट करने की पहल तो जरुर कर रही है। लेकिन एक बीर फिर से नई फसल लगते जा रहे हैं।  बुंडू पुलिस ने रविवार को हुमटा गांव में लगभग एक एकड़ में लगे अफीम  की फसल को नष्ट किया। अफीम  की खेती गांव से अलग घने पेड़ो  जंगलों के बीच  छिपाकर की गई थी। गुप्त सूचना पर बुंडू थाना प्रभारी रमेश कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई । टीम में एस आई दीपक कुमार, सूरज कुमार, पंकज प्रमाणिक एवं सशस्त्र बल शामिल थे । खेती किसके द्वारा की गई थी। पुलिस इसका पता लगा रही है।

कोडरमा. जिले के चंदवारा प्रखंड के बेंदी पंचायत के बिलारो गांव में कई एकड़ में फैली अफीम की खेती को पुलिस प्रशासन व वन विभाग के द्वारा नष्ट किया गया. डीएसपी संजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में रविवार को दिन के करीब 11 बजे पहुंची टीम द्वारा वन विभाग की जमीन पर रविंद्र मुंडा सहित दर्जनों लोगों द्वारा की जा रही अफीम की खेती को नष्ट करने में करीब 3 घंटे का समय लगा. इस दौरान खेती कर रहे लोग घर छोड़कर फरार हो गए. बताते चलें 2010 और फिर 2015 में वन समिति द्वारा प्रशासन महकमे को अगाह किया गया था कि बाहरी लोगों को बसाने से गांव की विधि व्यवस्था और माहौल गड़बड़ा सकता है. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इससे खेती कर रहे लोगों का मनोबल बढ़ता गया. अब उस क्षेत्र में पुलिस और वन विभाग की टीम ने छापेमारी की है, जहां कई एकड़ में फैले अफीम की खेती लहलहा रही थी. छापेमारी के दौरान चंदवारा थाना के थाना प्रभारी दुष्यंत सिंह के सहित वन क्षेत्रीय पदाधिकारी, वनपाल व वनरक्षी सहित काफी संख्या में पुलिस बल मौजूद थे. इधर डीएसपी मुख्यालय संजीव सिंह से पूछे जाने पर उन्होंने 10 एकड़ भूमि में अफीम की खेती होने की पुष्टि की. साथ ही कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी. खेती कराने में जो भी शामिल होगा उसपर कार्रवाई करने की बात कही. डीएसपी ने मामले में एफआईआर दर्ज करने की भी बात कही है.