कोडरमा : अंतरजातीय विवाह का साइडइफेक्ट, पुतला बना किया अंतिम संस्कार

माता-पिता का किया मुंडन, स्वजातीय समाज का पंचायत का तुगलकी फैसला का मामला

कोडरमा थाना क्षेत्र के फुलवरिया इलाके में जातीय पंचायत के तुगलगी कारनामा प्रकाश में आया है।  दरअसल इश्क़ जब परवान चढ़ा तो कोडरमा नगर पंचायत के फुलवरिया इलाके की रहने वाली घटवार जाति की 19 वर्षीय युवती ने अपने ही गांव के एक युवक संजय भुइयां के साथ भाग कर 6 अगस्त को शादी रचा ली।

मामले को लेकर लड़की के स्वजातीय लोग थाना पहुंच कर पुलिस से युवती को वापस लाने की मांग की । दो दिनों के बाद प्रेमी जोड़े ने थाना में दस्तक देकर एक दूसरे के साथ विवाह कर लेने की जानकारी दी।

प्रेमी के साथ ही रहने की बात पर अड़ी रही 

स्वजातीय लोगों ने युवती को अलग होने की लाख दलीलें दी, लेकिन वो अपने प्रेमी के साथ ही रहने की बात पर अड़ी रही। बालिग होने के कारण लड़की अपने प्रेमी के घर चली गयी। लेकिन यह बात युवती के स्वजातीय समाज को काफी बुरा लगा।

भरी सभा में में युवती का पुतला बनवाया

समाज के लोगों ने युवती के प्रेम विवाह कर लेने के फैसले का विरोध जताया और अंतरजातीय विवाह करने के मामले में 16 अगस्त को पंचायत बुलाई गयी । पंचायत में  दूसरी जाति  के लड़के से विवाह करने पर युवती के जाति वाले समाज ने भरी पंचायत में युवती का पुतला बनवाया और अंतिम संस्कार करा दिया।

वीडियो से घटना की पुष्टि हो रही

साथ ही युवती के माता-पिता का मुंडन करवा दिया। स्वजातीय पंचायत के फरमान का मामला अब जाकर उजागर हुआ है।युवती के भाई और भाभी का वीडियो सामने आया है। इससे घटना की पुष्टि हो रही है ।

हो रही कानून का सहारा लेने की बात 

इस पूरे मामले को लेकर फिर से समाज की बैठक कर इंसाफ की गुहार लगाने की बात कह रहे है। वही पंचायत में मामला नही सुलझने पर कानून का सहारा लेने की बात कहते नजर आ रही है।

परिवार के लोगों ने साधी चुप्पी

वहीं मामला प्रकाश में आने के बाद से परिवार के लोग मामले में चुप्पी साध ली है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित परिवार को स्वजातीय मठाधीशो ने मामले में पुलिस और मीडिया के समक्ष कुछ भी बोलने से मना कर दिया है।

पुलिस हरकत में आई

मामला प्रकाश में आने के बाद पुलिस हरकत में आई है। एसडीपीओ राजेन्द्र प्रसाद ने बताया इस तरह का मामला संज्ञान में आया है। जिसकी जांच कराई जा रही है। इधर जब पीड़ित के घर पहुंच मामले की जानकारी लेने मीडिया की टीम पहुंची तो, घर मे कोई भी मौजूद नही था। गांव के लोग भी कुछ भी बोलने से साफ इंकार कर रहें है।