एमजीएम मेडिकल कॉलेज को बड़ी सौगात, अब एक क्लिक पर मिलेंगी 15 हजार से अधिक मेडिकल ई-बुक्स और जर्नल्स
- By rakesh --
- 04 Nov 2026 --
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जमशेदपुर: महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए चिकित्सा शिक्षा और शोध के क्षेत्र में बड़ी सुविधा शुरू हुई है। अब उन्हें मेडिकल से जुड़ी महत्वपूर्ण किताबों, अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रों और प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल्स के लिए अलग-अलग वेबसाइटों या संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। कॉलेज प्रशासन ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन’ योजना के तहत संस्थान को नेशनल मेडिकल लाइब्रेरी, नई दिल्ली से जोड़ दिया है।
इस पहल के बाद कॉलेज के उपयोगकर्ताओं को 15 हजार से अधिक ई-जर्नल और मेडिकल ई-पुस्तकों तक सीधी पहुंच मिल गई है। कॉलेज परिसर में डिजिटल लाइब्रेरी का इस्तेमाल भी शुरू कर दिया गया है। इससे मेडिकल शिक्षा से जुड़े लोगों को देश-दुनिया में हो रहे नए शोध और चिकित्सा विज्ञान की नवीनतम जानकारियां एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सकेंगी।
मेडिकल शिक्षा को आधुनिक बनाने की दिशा में पहल
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार ने बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी की शुरुआत मेडिकल शिक्षा को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। चिकित्सा विज्ञान में लगातार नए शोध हो रहे हैं और इलाज की पद्धतियों में भी बदलाव आ रहे हैं। ऐसे में डॉक्टरों और विद्यार्थियों के लिए नवीनतम जानकारियों तक पहुंच बेहद जरूरी है।
इस सुविधा के माध्यम से चिकित्सा से जुड़े उपयोगकर्ता गंभीर बीमारियों, आधुनिक उपचार पद्धतियों और नए वैज्ञानिक शोधों से संबंधित जानकारी आसानी से हासिल कर सकेंगे। इसका लाभ केवल पढ़ाई और शोध तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डॉक्टर मरीजों के उपचार में भी नई चिकित्सा जानकारियों का उपयोग कर सकेंगे।
पीजी विद्यार्थियों और शोधार्थियों को सबसे अधिक फायदा
डिजिटल लाइब्रेरी का लाभ चिकित्सा पदाधिकारियों, शिक्षकों, स्नातकोत्तर यानी पीजी विद्यार्थियों और एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं को मिलेगा। खासकर पीजी विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए यह सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है। उन्हें थीसिस, रिसर्च पेपर और अकादमिक प्रोजेक्ट तैयार करने के दौरान विभिन्न विषयों पर उपलब्ध अंतरराष्ट्रीय शोध सामग्री तक पहुंच मिलेगी।
किसी बीमारी पर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में हुए पूर्व शोध, उनके निष्कर्ष और उपचार से जुड़े अध्ययनों को एक ही प्लेटफॉर्म पर देखना आसान होगा। इससे विद्यार्थियों को अपने शोध की गुणवत्ता बेहतर करने और चिकित्सा क्षेत्र में विकसित हो रही नई जानकारियों को समझने में मदद मिलेगी।
महंगी मेडिकल किताबों और जर्नल्स से मिलेगी राहत
चिकित्सा विज्ञान की कई प्रतिष्ठित किताबें और अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स काफी महंगे होते हैं। ऐसे में प्रत्येक विद्यार्थी के लिए व्यक्तिगत रूप से इन्हें खरीदना आसान नहीं होता। डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से संस्थान से जुड़े उपयोगकर्ताओं को बड़ी संख्या में उच्चस्तरीय शैक्षणिक संसाधनों तक संस्थागत पहुंच मिलेगी। इससे महंगी किताबों और शोध पत्रों पर व्यक्तिगत खर्च की निर्भरता कम होगी।
कॉलेज प्रशासन का मानना है कि इस सुविधा से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर हो रहे मेडिकल अनुसंधान से जुड़ने का अवसर मिलेगा। उन्हें पाठ्यक्रम की पुस्तकों से आगे बढ़कर चिकित्सा विज्ञान के व्यापक क्षेत्र में अध्ययन करने में मदद मिलेगी।
डॉक्टरों और शिक्षकों का ज्ञान भी रहेगा अपडेट
डिजिटल लाइब्रेरी का उपयोग कॉलेज के शिक्षकों और कार्यरत डॉक्टरों के लिए भी महत्वपूर्ण होगा। शिक्षक उपलब्ध शोध सामग्री की मदद से अपने अध्यापन को अधिक प्रभावी बना सकेंगे। डॉक्टर नई उपचार पद्धतियों और चिकित्सा विज्ञान में हो रहे बदलावों से खुद को अपडेट रख सकेंगे।
वहीं, विद्यार्थियों को अकादमिक अध्ययन के अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी उपयोगी सामग्री मिल सकेगी। कुल मिलाकर, एमजीएम मेडिकल कॉलेज को नेशनल मेडिकल लाइब्रेरी से जोड़ने की पहल से संस्थान में पढ़ाई, अध्यापन, शोध और चिकित्सकीय ज्ञान को बेहतर बनाने के नए अवसर खुलेंगे।