धनबाद: राज्य के मनरेगा कर्मचारी हड़ताल पर, सभी कार्य हो रहे प्रभावित
- By admin --
- 28 Jul 2020 --
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कोरोना काल में प्रवासी मजदूरों और स्थानीय मजदूरों को रोजगार दिलाने के लिए मनरेगा के सहारा लिया जा रहा हैं ऐसे में राज्य के मनरेगा कर्मचारी 27 जुलाई से हड़ताल पर चले गए हैं। जिससे कार्य प्रभावित हो रहा है। मनरेगा कर्मी के हड़ताल का आज दूसरा दिन है ।ऐसे में विभिन्न योजनाओं के तहत मनरेगा से होने वाले सभी काम प्रभावित हो रहे हैं।
जिसे लेकर धनबाद जिला मनरेगा अध्यक्ष मुकेश राम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 13 वर्षो से सरकार मनरेगा कर्मचारियों को सिर्फ ठगने का काम कर रही है। पूर्व से ही मनरेगा कर्मचारी समय समय पर अपनी समस्याओं से सरकार को अवगत कराते रहे हैं, लेकिन इस और आज तक कोई ध्यान नहीं दिया गया।
उन्होंने बताया कि कोरोना के इस कहर काल में भी मनरेगा कर्मचारी अपनी जान हथेली पर लेकर कामों को सफलतापूर्वक अंजाम दे रहे हैं। सभी प्रवासी मजदूरों को मनरेगा के द्वारा काफी हद तक काम भी मिला और वे सफलतापूर्वक इसका क्रियान्वयन करा रहे हैं।
धनबाद जिला मनरेगा अध्यक्ष ने कहा कि पिछले माह में 3 दिनों की संकेतिक हड़ताल की गई थी और अपनी मांगे सरकार तक पहुंचाई गई थी, लेकिन उसके बावजूद भी सरकार के विभागीय मंत्री कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं जिस कारण मजबूर होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर कर्मचारियों को जाना पड़ा।
उन्होंने कहा कि हमारी मुख्य मांगों में मनरेगा कर्मचारियों का स्थायीकरण, मनरेगा कर्मचारियों का 25 लाख का बीमा, अनुकंपा के आधार पर आश्रितों को नौकरी, मातृत्व- पितृत्व अवकाश और बिहार की तर्ज पर मनरेगा कर्मचारियों को सभी सुविधाएं झारखंड में भी दिया जाए।
मनरेगा कर्मचारियों का कहना है कि विगत 13 वर्षों से झारखंड राज्य के मनरेगा कर्मचारी सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर इस राज्य को आगे बढ़ाने में साथ खड़े रहे हैं , लेकिन उसके बावजूद सरकार का रवैया मनरेगा कर्मचारियों को लेकर काफी उदासीन रहा है।उन्होंने कहा कि अगर सरकार इस बार हमारी मांगों पर विचार नहीं करती है तो यह अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।