रांची। “यू विल लव हिम, इफ़ यू नो हिम” का शानदार विमोचन
- By rakesh --
- 10 Oct 2022 --
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हज़रत मोहम्मद ने पूरी दुनिया में शांति, समता और सद्भावना का संदेश दिया : रवींद्र नाथ महतो
राँची : मौलाना आजाद ह्यूमेन इनिशिएटिव (माही) के तत्वावधान में विधानसभा अध्यक्ष के आवासीय कार्यालय में हज़रत मोहम्मद स० के जन्मदिन के शुभ अवसर पर विश्व विख्यात विद्वानों के उदगार पर आधारित एक संकलित पुस्तक “यू विल लव हिम, इफ़ यू नो हिम” का विमोचन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने किया। इस अवसर पर बोलते हुए इन्होंने कहा कि “समाज में नफ़रत पैदा करके समाज को अशांत करने का प्रयास निरंतर किया जा रहा है, ऐसे समय में हमें उन महापुरुषों और पैगम्बरों के विचार व वाणियों को प्रचार-प्रसार करने की जरूरत है। यदि ऐसा नहीं हो तो समाज मे एक भयावह स्थिति पैदा हो जाएगी। जब भी समाज में खाई पैदा की जाती है और यह विकराल रूप लेता है तो समाज में महामानव व संदेष्टा आते हैं और वह समाज के इस खाई को पाटने का काम करते हैं। हज़रत मोहम्मद स० ने भी समाज को एकजुट किया और घोर अंधेरे युग में प्रकाश फैलाने का काम किया। आज भी समाज को बाँटने का काम किया जा रहा है और इसे पाटने के लिए “माही” की ये कोशिश सराहनीय है जिसका क़दम ब क़दम मै भी साथ खड़ा हूँ। यह देश सभी धर्मों का है और यहाँ सभी रहते हैं, इस सद्भावना को कोई नहीं तोड़ सकता है। देश की खूबसूरती इसमें ही समाहित है कि काज़ी नज़रुल इस्लाम मुसलमान घर में पैदा हुए लेकिन वह हिन्दू आध्यात्म के बहुत बड़े ज्ञानी हुए। आज भी उनकी कथा का प्रचार-प्रसार किया जाता है। इसी तरह पश्चिम बंगाल के नवदीप में क़ाज़ी साहब का परिवार आज भी एक मंदिर का संरक्षक है। पैगम्बर मोहम्मद साहब दुनिया में रहमत के तौर पर भेजे गये। विश्व में न केवल इस्लाम धर्म के पैगाम बल्कि उन्होंने दुनिया में शांति, समता और सद्भावना का संदेश दिया। उनके उपदेशों को मानव जाति का उद्धार और कल्याण के लिए प्रेरणास्रोत माना जाता है।
आज दुनिया सिमट कर ग्लोबल विलेज हो गया है- इबरार अहमद
कार्यक्रम का अध्यक्षता करते हुए “माही” के संयोजक इबरार अहमद ने कहा कि ” आज दुनिया सिमट कर ग्लोबल विलेज हो गया है, विभिन्न जाति-धर्म और संस्कृति के मानने वाले एक साथ रह रहे हैं तो हमें असमानता के बजाये आपस के समानता पर ध्यान देना चाहिए और सामाजिक सामंजस्य और समरसता बनाना चाहिए। धर्म का मूल तत्व ही आपसी प्रेम और भाईचारा है। कुछ लोग धर्म का ग़लत इस्तेमाल अपने हितों को साधने के लिए और राजनीतिक फायदे के लिए करते है, जिसका नुकसान धर्म ही को नहीं बल्कि पूरे समाज को होता है”।
इसके एलावा कार्यक्रम को ईरफान उज़ैर, ज्योति मथारू, प्रभाकर तिर्की, हरविंदर वीर सिंह ने भी संबोधित किया। मंच का संचालन माही के प्रवक्ता मुस्तक़ीम आलम ने किया और धन्यवाद ज्ञापन मोहम्मद इक़बाल ने किया।
इस अवसर पर रतन तिर्की, मुश्ताक़ आलम, जिला अध्यक्ष झारखंड मुक्ति मोर्चा, वार्ड पार्षद नाज़िमा रज़ा, यास्मीन लाल, वकीलुर रहमान नवाब, साझा मंच के सुधांशू शेखर, ख़ालिद सैफुल्लाह, अर्शद शमीम, अंजुमन इस्लामिया के कार्यकारिणी सदस्य मोहम्मद नज़ीब, वसीम अकरम, अज़मत अली, अशफ़ाक़ बब्लू, नूर हसन लाल, नूर आलम, सैफ़ुल हक़, सर्व इंडिया के फ़ारुके आज़म, अब्दुल ख़ालिक़, कामरान अहमद, मोहम्मद शकील, मोहम्मद मोहसिन और मोहम्मद सलाहुद्दीन आदि उपस्थित थे।