रांचीःराज्य में लगा कोरोना टैक्स,जेब करनी होगी ढीली!

राज्य की जनता चौतरफा मार झेल रही है,एक तरफ कोरोना महामारी ने उनकी आर्थिक स्थिती को हिला कर रख दिया है। वहीं राज्य में हुए टैक्स इजाफे के बाद इसका सीधा असर आम इंसान के जेबों पर पड़ रहा है।

आपको बता दें कैबिनेट की बैठक के बाद राज्यस्व की भरपाई के लिए सरकार ने पट्रोल-डीजल के साथ-साथ खनिजों पर सेस के रूप में नया टैक्स लगा दिया। नये टैक्स के अनुसार अब राज्य में काम करने वाले सभी लोगों के साथ व्यापारियों को भी प्रोफेशनल टैक्स देना होगा।

सबसे ज्यादा टैक्स विमान के ईंधन पर लगाया गया है। हेमंत कैबिनेट की बैठक में 25 प्रस्तावों पर फैसले लिया गया,झारखंड में प्रोफेशनल टैक्स का दायरा बढ़ाने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी है।राज्य सरकार ने हवाई जहाज में इस्तेमाल होने वाले ईंधन पर वैट को 4 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया है।

वहीं झारखंड मिनरल बेयरिंग लैंड और कोविड-19 पेंडेमिक सेस ऑर्डिनेन्स को भी मंजूरी दी है।  कैबिनेट ने कोयला पर 10 रुपये प्रति मीट्रिक टन, आयरन पर 05 रुपये प्रति मीट्रिक टन, बॉक्ससाइड पर 20 रुपए प्रति मीट्रिक टन, लाइम स्टोन पर 10 रुपये प्रति मीट्रिक टन, मैग्नीशियम पर 05 रुपये प्रति मीट्रिक टन सेस लगाने का फैसला लिया है।

डीजल-पेट्रोल पर राज्य सरकार द्वारा लगने वाले न्यूनतम टैक्स दर में बढ़ोतरी की गई. डीजल पर लगने वाला राज्य कर 8 रुपए 37 पैसे की जगह अब 12 रुपये 50 पैसे और पेट्रोल पर लगने वाला टैक्स 15 रुपये की जगह अब 17 रुपये कर दिया गया है।

कैबिनेट में  अब मुद्रांक, शुल्क भुगतान स्टाम्प के अतिरिक्त नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड और ई चालान से भी स्टाम्प शुल्क का भुगतान किया जा सकता है। वहीं झारखण्ड राज्य मदिरा खुदरा बंदोबस्ती संचालन नियमावली-2018 में संशोधन कर 10 प्रतिशत एक्साइज टैक्स लगाने को मंजूरी दे दी है।