जमशेदपुरः कोरोना महामारी ने अंतिम संस्कार पर लगाया ग्रहण, जानिए क्यों

भुइयांडीह स्वर्ण रेखा बर्निंग घाट में रविवार को कोरोना पॉजिटिव दो मृत लोगों का अंतिम संस्कार करने के विरोध में काफी संख्या में लोग जुट गए। देखते ही देखते पुलिस-प्रशासन की टीम और लोगों के बीच हंगामा शुरू हो गया। इस बीच लोगों ने पथराव तक कर दिया। इससे महिला पुलिस जवान समेत दो अन्य लोग घायल हो गए। वहीं, पुलिस ने दर्जन भर लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझाकर मामला शांत कराया और शवों का अंतिम संस्कार किया गया।

शनिवार को टीएमएच में कोरोना संक्रमण से साकची की 88 साल की एक महिला व सोनारी खूंटाडीह के 71 साल के बुजुर्ग की मौत हो गई थी। यह पहले से ही तय था कि भुइयांडीह सुवर्णरेखा बर्निंग घाट में शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। पर लोगों के विरोध को देखते हुए कल से ही प्रशासन ने घाट के आसपास सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम कर दिया था।

भुइयांडीह चौक, जयप्रकाश नारायण बस टर्मिनल व घाट के समीप मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात किया गया था। सभी को पीपीई कीट उपलब्ध कराई गई। मृत दोनों मरीजों का अंतिम संस्कार सुवर्णरेखा बर्निंग घाट पर करने की सूचना पर आसपास के लोगों ने सड़क पर उतर कर शनिवार को भी विरोध किया था।

 रविवार की सुबह प्रशासन की टीम जैसे ही शव को लेकर भुइयांडीह सुवर्णरेखा बर्निंग घाट पहुंची, लोग जुटने लगे और अंतिम संस्कार का विरोध करना शुरू कर दिया। लोगों को आशंका थी कि शव के अंतिम संस्कार से यहां भी कोरोना संक्रमण फैल सकता है। काफी मशक्कत के बाद पुलिस-प्रशासन की टीम ने दोनों शव का अंतिम संस्कार करवाया।