रांचीः इंसेंटिव नहीं मिलने पर शहर की सफाई ठप, जानिए क्या है मामला
- By admin --
- 17 Jul 2020 --
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नगर निगम ने सफाई मित्रों को प्रतिमाह दिए जाने वाले 2000 रुपए इंसेंटिव को बंद कर दिया है। 2200 सफाई मित्रों को मार्च-अप्रैल और मई माह का दो-दो हजार रुपया इंसेंटिव दिया गया, लेकिन जून माह से इंसेंटिव बंद कर दिया गया। इससे सफाई मित्रों में काफी आक्रोश है।
नाराज सफाई कर्मियों ने शुक्रवार को पूरे शहर की सफाई ठप कर दी और हड़ताल पर चले गए। इस दौरान सफाई कर्मचारियों ने अल्बर्ट एक्का चौक के पास जमा होकर नगर निगम के अधिकारियों से हक और अधिकार देने की मांग की।
2000 रुपए का इंसेंटिव बंद
मौके पर सफाई कर्मियों ने साफ कहा कि कोरोना काल में जान जोखिम में डालकर काम करना संभव नही है फिर भी लोगों की सुरक्षा को देखते हुए सभी कर्मचारी काम कर रहे हैं। ऐसे में निगम ने 2000 रुपए का इंसेंटिव भी बंद कर दिया है। इसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इंसेंटिव नहीं मिलेगा तो वह किसी भी सूरत में काम नहीं करेंगे।
जान जोखिम में डालकर काम करते हैं सफाई
रांची नगर निगम सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष दयानंद यादव ने कहा कि नगर निगम के सफाई कर्मचारियों को काफी कम मानदेय मिलता है। सरकार द्वारा तय किए गए न्यूनतम मजदूरी का भी भुगतान नहीं होता। एक सफाई कर्मी को प्रतिमाह 26 दिन काम करने पर 6000 रुपए भी नहीं मिलते हैं।
कोरोना काल में जब सब कर्मियों ने काम पर आने से इंकार कर दिया तब नगर निगम ने उन्हें दो हजार रुपए प्रति माह इंसेंटिव देने की घोषणा की और उन्हें घर से लाने और पहुंचाने की व्यवस्था की गई। इस वजह से सफाईकर्मी काम पर लौटे।
उन्होंने कहा कि नगर निगम के अधिकारियों को कर्मचारियों की समस्या और मांगों से अवगत कराया गया है। इसके बावजूद अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई इसलिए पूरे शहर की सफाई बंद कर दी गई है।