रांची: सब्जी बेचने वाली गोल्डन गर्ल को किसने की मदद, पढ़िये

मुख्यमंत्री के निर्देश पर बड़ी राहत मिली

कोरोना संकट काल में देश के कई उभरते हुए खिलाड़ियों की परेशानियां सामने आयी। झारखंड की भी गोल्डन गर्ल गीता कुमारी मुश्किल परिस्थिति में अपने मां-पिता के साथ सड़कों पर तस्वीर बेचती नजर आयी।

यह तस्वीर सामने आने के बाद राज्य सरकार हरकत में आयी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर सोमवार को गोल्डन गर्ल गीता को बड़़ी मदद मिल पायी।मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के निर्देश के बाद रामगढ़ जिला प्रशासन की ओर से गीता कुमारी को घाटो स्थित टाटा कंपनी के सीएसआर मद से मदद मिली।

50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता

रामगढ़ के उपायुक्त की उपस्थिति में गोल्डन गर्ल को खेल जारी रखने के लिए प्रशिक्षण की सुविधा के अलावा तीन हजार रुपये की मासिक स्टाइपेंड सुनिश्चित किया गया और 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी गयी।इससे पहले यह तस्वीर सार्वजनिक हो रही थी कि रामगढ़ निवासी गोल्डन गर्ल गीता कुमारी जीवन यापन के लिए सड़क किनारे सब्जी की दुकान लगा रही है।

मामले की जानकारी के बाद मुख्यमंत्री ने उपायुक्त बोकारो को तीन दिन पहले ही गीता और उनके परिवार को जरूरी सरकारी मदद उपलब्ध कराते हुए सूचित करने का निर्देश दिया था।गीता रामगढ़ जिला की निवासी थी, इसकी जानकारी के बाद उपायुक्त रामगढ़ ने पहल करते हुए गीता कुमारी को यह सहायता मुहैया कराया है।

2011-19 तक कई स्टेट चैंपियनशिप में पदक दिलायी

गोल्डन गर्ल गीता ने 2011-19 के बीच लगातार राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में झारखंड का नेतृत्व किया और राज्य को कई स्पर्द्धाओं को पदक दिलाने का काम किया।

वहीं लॉकडाउन के दौरान घर की आर्थिक परिस्थितियां बिगड़ने के कारण इन दिनों व अपनी मां-पिता के साथ सड़क पर सब्जी बेच रही थी, लेकिन अब सरकार और टाटा कंपनी की पहल पर एक फिर वह खेल की मैदान में नजर आएगी