चतराः मनरेगा से बनी 40 सड़कें गायब, डीसी ने किया सभी को बर्खास्त

सांसद सुनील सिंह ने दिशा की बैठक में उठाया पूरा मामला

राज्य में  कोरोना महामारी के बीच प्रवासी मजदूर वापस आ रहें हैं। उनकी आर्थिक स्थिती को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार मनरेगा द्वारा  रोजगार दे रहा है। इसी बीच चतरा जिला में मनरेगा में सबसे बड़ा घोटला सामने आया है। इसको लेकरउपायुक्त जितेंद्र कुमार सिंह ने परियोजना पदाधिकारी फणीन्द्र गुप्ता समेत 14 संविदाकर्मियों का अनुबंध रद्द करते हुए उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया है।

मालूम हो कि डीसी द्वारा की गई कार्रवाई से जिले में हड़कंप मच गया है। यह कार्रवाई ग्रामीण विकास विभाग द्वारा दिए गए निर्देश के आलोक में की गई है।  मिली जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2013-14 में मनरेगा योजना के तहत बनी सड़क में भारी गड़बड़ी पाया गया।

 प्रतापपुर प्रखंड में 40 सड़कों के गायब होने का मामला सांसद सुनील सिंह ने दिशा की बैठक में उठाया था। जिसके बाद ग्रामीण विकास विभाग के सचिव ने मनरेगा के अपर आयुक्त मनीष तिवारी के नेतृत्व में एक जांच कमेटी गठित कर सड़कों की जांच को लेकर प्रतापपुर भेजा था।

इसी कमेटी के जांच रिपोर्ट के आधार पर ग्रामीण विकास विभाग के सचिव ने उपायुक्त जितेंद्र कुमार सिंह को मामले में संलिप्त तत्कालीन बीडीओ व पीओ समेत तमाम अधिकारियों, कर्मियों और जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध गबन की प्राथमिकी दर्ज कराया गया।

जिसके बाद डीसी ने कार्रवाई की है। ग्रामीण विकास सचिव ने आरोपी कर्मियों अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से योजना राशि 12 प्रतिशत ब्याज के साथ भी वसूलने का निर्देश दिया है।