रांची। राज्य में हो रही है प्रवासियों की जांच, मुंबई से लौटे लोगों में कोरोना का खतरा अधिक

रांची। राज्य में अब तक 330 कोरोना मरीज मिल चुके हैं। स्वास्थ्य सचिव के मुताबिक, राज्य में लौटे अब तक 19,686 प्रवासियों की जांच हुई है। इनमें सबसे ज्यादा मुंबई से लौटे 9178 लोग हैं। मुंबई से आने वाले सबसे ज्यादा पॉजिटिव मिल रहे हैं। इनका रेट एक फीसदी यानी 100 सैंपल की जांच में एक मरीज पॉजिटिव मिल रहा है।

इसी तरह सूरत से आए करीब तीन हजार लोगों के टेस्ट हुए। यहां का पॉजिटिविटी रेट 0.86%, छत्तीसगढ़ से आए प्रवासियों का 0.1% है। इसी तरह कोलकाता, चेन्नई और हैदराबाद से आए प्रवासियों का संक्रमण रेट 1.3% व दिल्ली से लौटे प्रवासियों में पॉजिटिव रेट 0.56%है।

कुल पॉजिटव मरीजों में 0.96प्रतिशत की मौत

पिछले एक सप्ताह में झारखंड में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं। राज्य के 21 जिलों तक कोरोना संक्रमण पहुंच चुका है। इस बीच एक अच्छी खबर भी है। झारखंड के संक्रमितों में बीमारी से लड़ने की क्षमता अधिक है। क्योंकि यहां कोरोना से मरने वालों का प्रतिशत देश के सभी बड़े राज्यों व राष्ट्रीय औसत से बहुत कम है। केंद्र सरकार और covid19india.org के आंकड़ों के अनुसार कोरोना से मरने वालों का राष्ट्रीय औसत 3 प्रतिशत के करीब है। लेकिन झारखंड में यह आंकड़ा 0.92 प्रतिशत है।

देश में 3000 हजार से अधिक लोगों की मौत

देश में अब तक कोरोना के कुल 124075 पॉजिटिव केस मिले हैं। इनमें 3707 की मौत हो चुकी है। जबकि झारखंड में 324 पॉजिटव मरीजों में से सिर्फ 3 की मौत हुई है। वहीं, झारखंड में मरीजों का रिकवरी रेट भी राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। देश में कोरोना मरीजों के ठीक होने का औसत 41.3 प्रतिशत है। कुल 124075 में से 51307 मरीज ठीक हो चुके हैं। जबकि झारंखड में मरीजों के ठीक होने का औसत करीब 42 प्रतिशत है। यहां के 324 में से 136 मरीज ठीक हो चुके हैं।

झारखंड में रिकवरी रेट 90% से ऊपर

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बताया है कि राज्य में संक्रमितों का रिकवरी दर 90 फीसदी से ऊपर है और मृत्यु दर भी काफी कम है। सोरेन शुक्रवार को यूपीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ सोनिया गांधी की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि झारखंड जीएसटी की मार झेल रहा है। समय पर उसका हिस्सा नहीं मिल पाता। सभी राज्यों के सामने आर्थिक संकट है। इसलिए राज्यों को भी धन संग्रह का अधिकार मिलना चाहिए।