रांची : केंद्र की नीतियों की वजह से लोगों की नौकरी छीनी-कांग्रेस

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे एवं डा राजेश गुप्ता छोटू ने कहा है कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों की वजह से पिछले दो महीने में जहां देशभर में करोड़ों लोग बेरोजगार हुए है, जिसके कारण इन परिवारों के समक्ष गंभीर संकट पैदा हो गया है।

वहीं संकट की इस घड़ी  में भी केंद्र सरकार की ओर से पर्याप्त सहायता नहीं मिल पा रही है, इसके बावजूद राज्य सरकार हर जरूरतमंद परिवारों को अनाज और प्रवासी तथा राज्य के श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है।

प्रदेश प्रवक्ता आलोक दूबे एवं राजेश गुप्ता ने बताया कि एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले चार महीने में करीब दो करोड़ लोगों ने अपनी नौकरियां गंवायी है, दो करोड़ परिवारों का भविष्य अंधकार है, वहीं फेसबुक और झूठी खबरें और नफरत फैलाने से बेरोजगारी और अर्थव्यवस्था के सर्वनाश का सत्य देश से नहीं छिप सकता है।

भाजपा ने देश की रोजी रोटी पर ग्रहण लगाया 

वहीं दूसरी तरफ केवल अप्रैल महीने से जुलाई 2020 में 1,90,00,000 नौकरी पेशा लोगों की नौकरी गई तो अकेले जुलाई माह में 50,00,000 नौकरी गई। खेती और कन्स्ट्रक्शन में 41,00,000 नौकरियां गई।कुल 14 करोड़ से अधिक लोगों की नौकरी गई है।भाजपा ने देश की रोजी रोटी पर ग्रहण लगाया।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आलोक दूबे एवं राजेश गुप्ता ने कहा कि संकट की इस घड़ी में भी केंद्र सरकार की ओर से पर्याप्त सहायता नहीं मिलने के बावजूद राज्य सरकार ने अपने प्रयास सेलोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाएं शुरू की है।

पलाश ब्राण्ड का शुभारंभ स्थगित 

इसी के तहत सखी मंडल की दीदियों के उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़कर अच्छी आय सुनिश्चित करने के लिए पलाश ब्राण्ड का शुभारंभ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मंत्री आलमगीर आलम द्वारा किया जाना था, लेकिन अपरिहार्य कारणों से आज मुख्यमंत्री के सभी कार्यक्रमों को स्थगित करदिया गया है।

राज्यभर की दीदियों द्वारा निर्मित उत्पादों को अच्छे बाजार से जोड़ा जाएगा

उन्होंने बताया कि पलाश के जरिये राज्यभर की दीदियों द्वारा निर्मित उत्पादों को अच्छे बाजार से जोड़ा जाएगा। वहीं आजीविका संवर्धन हुनर अभियान,आशा का शुभारंभ भी होना है। इस अभियान के जरिये राज्य के 15 लाख परिवारों को स्थानीय स्तर पर सशक्त आजीविका के साधनों से जोड़ा जाएगा। इस योजना के तहत खेती, पशुपालन, वनोपज, उद्यमिता पर जोर रहेगा।