मुठभेड़ में भाकपा माओवादी कमांडर पांच लाख इनामी मनीष यादव ढेर

लातेहार पुलिस को तीन दिन के दौरान नक्सलियों के खिलाफ दूसरी बड़ी सफलता हाथ लगी है. एसपी कुमार गौरव के नेतृत्व में लातेहार पुलिस की टीम ने नेतरहाट थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में भाकपा माओवादी संगठन के कमांडर पांच लाख इनामी मनीष यादव को मार गिराया, जबकि दस लाख इनामी कुंदन खेरवार को गिरफ्तार किया है.

जानकारी के मुताबिक नक्सलियों के साथ यह मुठभेड़ रविवार देर रात शुरू हुई और सोमवार की सुबह तक चली. मुठभेड़ खत्म होने के बाद चलाए गए सर्च अभियान के दौरान एक नक्सली का शव बरामद हुआ. जिसकी पहचान मनीष यादव के रूप में हुई है. मनीष यादव के उपर सरकार ने पांच लाख इनाम की घोषणा की थी.

लातेहार में नक्सलियों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 5 लाख का इनामी ढेर; 10 लाख का इनामी गिरफ्तार

पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि नक्सली कमांडर मनीष यादव अपने दस्ते के साथ महुआडांड़ थाना क्षेत्र के दौना और करमखाड़ के जंगल में है. इस सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम गठित की और नक्सलियों की घेराबंदी शुरू की.

एंकर:-लातेहार जिले के जंगलों में रविवार देर रात से लेकर सोमवार सुबह तक चली एक मुठभेड़ में पुलिस ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल की है. इस मुठभेड़ में 5 लाख के इनामी नक्सली कमांडर मनीष यादव को मार गिराया गया, वहीं 10 लाख रुपये का इनामी नक्सली कुंदन खेरवार गिरफ्तार हुआ है. पुलिस ने मौके से दो एके-95 ऑटोमेटिक राइफलें भी बरामद की हैं. यह मुठभेड़ महुआडांड़ थाना क्षेत्र के करमखाड़ और दौना गांव के बीच हुई.

खुफिया सूचना पर पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी
पलामू के डीआईजी वाईएस रमेश ने मनीष यादव के मारे जाने की पुष्टि की है. पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि नक्सली कमांडर मनीष यादव अपने दस्ते के साथ महुआडांड़ थाना क्षेत्र के दौना और करमखाड़ के जंगल में है. इस सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम गठित की और नक्सलियों की घेराबंदी शुरू की. जैसे ही पुलिस ने जंगल में सर्च ऑपरेशन तेज किया, नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलीबारी की, जिसमें मनीष यादव मारा गया. इस दौरान कुंदन खेरवार को पुलिस ने जंगल से घेरकर गिरफ्तार कर लिया.

2 दिन पहले ही 10 और 5 लाख के नक्सली को किया ढेर
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने इलाके में व्यापक सर्च अभियान शुरू किया है. मनीष यादव और कुंदन खेरवार लातेहार और आसपास के इलाकों में नक्सली गतिविधियों के प्रमुख चेहरों में से थे. बरामद की गई दो एक्स.95 ऑटोमेटिक राइफल इस बात का संकेत हैं कि नक्सली हथियारों से लैस थे. पुलिस के द्वारा 2 दिन पहले ही जेजेएमपी के सुप्रीमो पप्पू लोहरा और सबजोनल कमांडर प्रभात गंझू को मुठभेड़ में मार गिराया गया था. इसके ठीक दो दिन बाद पुलिस ने एक और कुख्यात नक्सली को मुठभेड़ में ढेर किया है पप्पू लोहरा पर 10 लाख रुपए का इनाम था. जबकि प्रभात 5 लाख रुपए का इनामी था.

लातेहार में नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
लातेहार के महुआडांड़ में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में पांच लाख रुपये का इनामी नक्सली कमांडर मनीष यादव मारा गया है। इस मुठभेड़ के साथ ही बूढ़ापहाड़ स्थित माओवादियों के प्रशिक्षण केंद्र में बिहार के लीडरशिप का अंत हो गया है। मनीष यादव को बूढ़ापहाड़ में बिहार का अंतिम प्रमुख कमांडर माना जा रहा था।

एक दशक से सक्रिय था मनीष यादव
जानकारी के अनुसार, मनीष यादव बिहार के गया के छकरबंधा का निवासी था। जहां मुठभेड़ हुई, वहीं उसका ससुराल भी है। वह लगभग एक दशक से बूढ़ापहाड़ में सक्रिय था। शुरुआत में साधारण कैडर के रूप में माओवादियों के दस्ते में शामिल हुआ, लेकिन धीरे-धीरे वह सबजोनल कमांडर बन गया।

नक्सली हमलों का आरोपी
मनीष यादव पर झारखंड और बिहार के विभिन्न जिलों में नक्सली हमलों से संबंधित 50 से अधिक मामले दर्ज हैं। इनमें लातेहार, पलामू, गढ़वा, चतरा और गया व औरंगाबाद जिले शामिल हैं। मनीष चर्चित कटिया मुठभेड़ का भी आरोपी था, जिसमें 13 जवान शहीद हुए थे। इस मुठभेड़ में सीआरपीएफ जवान के पेट में बम प्लांट किया गया था। इसके अलावा, मनीष यादव 2018-19 में गढ़वा में हुए पोलपोल नक्सल हमले का भी मुख्य आरोपी रहा है, जिसमें छह जवान शहीद हुए थे।

बूढ़ापहाड़ से छकरबंधा तक फैला नेटवर्क
मनीष यादव एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली अरविंद का बॉडीगार्ड भी रह चुका था। अरविंद के साथ उसकी एके-47 के साथ एक तस्वीर भी वायरल हुई थी। 2018 में अरविंद की मौत के बाद भी मनीष बूढ़ापहाड़ इलाके में सक्रिय रहा और माओवादियों का सबजोनल कमांडर बन गया। उसने बूढ़ापहाड़ से लेकर बिहार के छकरबंधा कॉरिडोर तक अपना नेटवर्क फैला रखा था।

पुलिस की सक्रियता जारी
लातेहार पुलिस ने मनीष यादव को ढेर करने के साथ ही 10 लाख रुपये के इनामी एक अन्य नक्सली को भी गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है, जो क्षेत्र में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए की जा रही है।