हलगाम में शहीद पर्यटकों को भावभीनी श्रद्धांजलि

04/05/2025 को डॉक्टर आर.के. जायसवाल एवं उनके सहयोगीगण द्वारा अल्बर्ट एक्का चौक रांची में प्रातः 10:30 बजे से संध्या 6: 30 बजे तक पहलगाम में शहीद पर्यटकों को भावभीनी श्रद्धांजलि, शोक सभा एवं संध्या 6:00 बजे कैंडल मार्च कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम के प्रारंभ में पहलगाम में शहीदों के प्रति 2 मिनट का मौन रखा गया एवं पुष्प द्वारा श्रद्धांजलि दी गई।
भारत माता की जय एवं वंदे मातरम के नारों के साथ डॉक्टर आरके जायसवाल एवं उनके सहयोगी गणों ने पहलगाम में आतंकी कार्रवाई में शहीद हुए पर्यटकों एवं उनके परिवार के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए घटना की तीव्र निंदा की एवं सरकार से आतंकवादियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कार्रवाई करने की मांग की।
डॉ आरके जायसवाल ने अपनी बातों को रखते हुए सुप्रीम कोर्ट की भूमिका पर भी सवाल उठाया उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट कई बार संदिग्ध आतंकियों को बेल देने के लिए रात को 12 बजे भी सुनवाई के लिए खोल दिया जाता है जबकि आम नागरिकों के लिए सिर्फ लंबी-लंबी तारीखें मिलती हैं कोर्ट आतंकवादियों एवं अपराधियों के बचाव में बड़े-बड़े वकीलो जैसे कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंह, प्रशांत भूषण इत्यादि की दलीलें सुनता है और कई बार निर्दोष लोग महीनो, वर्षों जेल की यातना भुगतते रहते हैं और उनकी कोई सुनवाई नहीं हो पाती।

उन्होंने आरोप लगाया कि देश में राष्ट्रद्रोहियों का एक इको सिस्टम सक्रिय है जो गुप्त रूप से राष्ट्र विरोधी तत्वों एवं आतंकियों के समर्थन में काम कर रहा है।
उन्होंने ज्यूडिशरी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट के जज जस्टिस वर्मा के भ्रष्टाचार पर कोई एफआईआर दर्ज नहीं होता है बल्कि उन्हें इलाहाबाद उच्च न्यायालय में ट्रांसफर कर दिया जाता है और जांच की खानापूर्ति के लिए एक जजों की समिति गठित कर दी जाती है। हम सरकार से मांग करते हैं कि लोकतंत्र में अपराध के मामले में भेदभाव नहीं होना चाहिए और जज भी अपराध में लिप्त पाए जाए तो सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने जजों की मनमानी एवं न्यायपालिका में भाई भतीजावाद पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहां की कॉलेजियम सिस्टम के आधार पर जजों की नियुक्ति खत्म होनी चाहिए और इसके जगह पर राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग का गठन कर पारदर्शिता निष्पक्षता के आधार पर योग जजों की नियुक्ति होनी चाहिए।
झारखंड गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे द्वारा संसद एवं सांसद भवन के बाहर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के रवैया के खिलाफ दिए गए वक्तव्य का समर्थन करते हुए डॉक्टर आरके जायसवाल ने कहा कि हम लोग न्यायपालिका में पनप रहे भ्रष्टाचार के मामले पर निशिकांत दुबे के साथ हैं।
अंत में उन्होंने कहा कि हम लोग राष्ट्रवादी हैं और आवश्यकता पड़ने पर देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए सीमा पर दुश्मनों के खिलाफ हथियार उठाने को भी तैयार हैं और सीने पर गोली खाने के लिए भी तैयार है।
इस कार्यक्रम का समापन संध्या कैंडल मार्च के साथ हुआ।
इस कार्यक्रम में कई लोगों ने भाग लिया। जिसमें मुख्य रूप से डॉ. आर के जायसवाल, मिथिलेश कुमार मिश्रा, पुष्पा देवी, डॉ. बी एन सिंह, ओम प्रकाश जी, सज्जाद अहमद, फरहाना सिद्दीकी, जाहेदा खातून, डॉ. दिलीप सोनी, रूबीना परवीन, अशोक मुखर्जी, मिथिलेश कुमार, महेंद्र तिवारी, जीनत सिद्दीकी, सहित कई लोगों उपस्थित थे।