ऐतिहासिक रथ यात्रा महोत्सव की शुरुवात रथ निर्माण लकड़ी पूजा

ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर, बड़कागढ़ में अक्षय तृतीया के अवसर पर प्रातः 10:30 बजे ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर, बड़कागढ़ में अक्षय तृतीया के अवसर पर प्रातः 10:30 बजे ऐतिहासिक रथ यात्रा महोत्सव की शुरुवात रथ निर्माण लकड़ी पूजा के साथ प्रारंभ हुआ।
मंत्रोचारण और शंख, घंट, जयकारे के बीच रथ निर्माण सामग्री लकड़ी की जगन्नाथ मंदिर न्यास समिति के उपाध्यक्ष श्री अशोक नरसरिया, सचिव श्री मिथिलेश कुमार और मंदिर के प्रथम सेवक (सेवाइत) ठाकुर सुधांशु नाथ शाहदेव ने पूजा अर्चना किए।
आज ही के दिन से महाप्रभु जगन्नाथ, माता सुभद्रा और भाई बलभद्र स्वामी जी का रथ को बनाया जाता है जिसपर सवार होकर मौसीबाडी जाते है। नवदिवस रथ यात्रा महोत्सव रथ पूजा के साथ प्रारंभ हो जाता है।
1691 ईस्वी में ठाकुर एनी नाथ शाहदेव ने श्री जगन्नाथ मंदिर की स्थापना की। तब से आज तक उत्कल की परंपरा, पूजा पद्धति , अनुष्ठान होते आ रहा है।
पुरी के कारीगर और स्थानीय कारीगर मिल कर रथ निर्माण कार्य करते हैं।
इस वर्ष 27 जून 2025 को महाप्रभु का रथ यात्रा होने जा रहा है जिसको लेकर मंदिर समिति तैयारी कर रही है।
इस पूजन कार्यक्रम में मंदिर के पुजारी ,रथ निर्माण कारीगर एवम भक्त उपस्थित हुए।
महाप्रभु की असीम कृपा हम सब पर बनी रहे।
जय जय जगन्नाथ 🙏🚩हुआ।
मंत्रोचारण और शंख, घंट, जयकारे के बीच रथ निर्माण सामग्री लकड़ी की जगन्नाथ मंदिर न्यास समिति के उपाध्यक्ष श्री अशोक नरसरिया, सचिव श्री मिथिलेश कुमार और मंदिर के प्रथम सेवक (सेवाइत) ठाकुर सुधांशु नाथ शाहदेव ने पूजा अर्चना किए।
आज ही के दिन से महाप्रभु जगन्नाथ, माता सुभद्रा और भाई बलभद्र स्वामी जी का रथ को बनाया जाता है जिसपर सवार होकर मौसीबाडी जाते है। नवदिवस रथ यात्रा महोत्सव रथ पूजा के साथ प्रारंभ हो जाता है।
1691 ईस्वी में ठाकुर एनी नाथ शाहदेव ने श्री जगन्नाथ मंदिर की स्थापना की। तब से आज तक उत्कल की परंपरा, पूजा पद्धति , अनुष्ठान होते आ रहा है।
पुरी के कारीगर और स्थानीय कारीगर मिल कर रथ निर्माण कार्य करते हैं।
इस वर्ष 27 जून 2025 को महाप्रभु का रथ यात्रा होने जा रहा है जिसको लेकर मंदिर समिति तैयारी कर रही है।
इस पूजन कार्यक्रम में मंदिर के पुजारी ,रथ निर्माण कारीगर एवम भक्त उपस्थित हुए।
महाप्रभु की असीम कृपा हम सब पर बनी रहे।
जय जय जगन्नाथ 🙏🚩