सारंडा में एक और नक्सली ढेर, बीते दिन 15 हुए को मार गिराया था जवानों ने

सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। मुठभेड़ में एक और माओवादी ढेर कर दिया गया है। इलाके में 36 घंटे से सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षा एजेंसियां आसपास के क्षेत्रों की गहन तलाशी ले रही हैं। सूत्रों के मुताबिक मारे गए माओवादी की पहचान की प्रक्रिया चल रही है। ऑपरेशन के दौरान किसी सुरक्षाकर्मी के हताहत होने की सूचना नहीं है। अधिकारियों की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।

घने सारंडा जंगलों में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच चल रही भीषण मुठभेड़ में झारखंड की सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी है। ऑपरेशन ‘मेगाबुरु’ के तहत कोबरा बटालियन-209, झारखंड पुलिस, CRPF और अन्य सुरक्षा बलों ने कुख्यात माओवादी और करोड़ों के इनमाी अनल, अनमोल, अमित मुंडा समते 15 माओवादियों को गुरुवार को ढेर कर दिया था। अब तक कुल 16 माओवादी मारे जा चुके हैं। जिसमें से 13 की पहचान हो चुकी है।

सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। इलाके को घेर लिया गया है और आसपास के क्षेत्रों में गहन तलाशी ली जा रही है। यह ऑपरेशन केंद्र सरकार के मार्च 2026 तक नक्सलवाद मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सारंडा झारखंड में नक्सलियों का आखिरी प्रमुख गढ़ था, जहां अब उनकी ताकत काफी कमजोर हो गई है। सभी माओवादी के शव को जिला मुख्यालय ला कर पोस्टमार्टम किया जाएगा।

झारखंड पुलिस के IG (ऑपरेशंस) माइकल राज एस और CRPF IG साकेत कुमार ने इस सफलता की पुष्टि की है। गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस ऑपरेशन को बड़ी जीत बताया है। साथ ही चेतावनी देते हुए कहा है कि बचे हुए नक्सली सरेंडर मुख्य धारा में लौटें। माओवाद को 31 मार्च 2026 से पहले समाप्त करने के लिए संकल्पित हैं।