ट्रंप जो दिखा रहे हैं वो है नहीं… भारत से अमेर‍िका की जमकर कमाई !

ट्रंप जो दिखा रहे हैं वो है नहीं… भारत से अमेर‍िका की जमकर कमाई, अंदर पूरी पिक्‍चर अलग

 

इकनॉमिक थिंक टैंक जीटीआरआई की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका भारत के साथ व्यापार में घाटे का दावा करता है। लेकिन, वास्तविकता यह है कि शिक्षा, डिजिटल सेवाओं और हथियारों की बिक्री से वह हर साल 35-40 अरब डॉलर का मुनाफा कमाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय छात्र अमेरिका में शिक्षा पर 25 अरब डॉलर खर्च करते हैं।

इकनॉमिक थिंक टैंक जीटीआरआई ने एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में भारत और अमेरिका के व्यापार संबंधों पर अहम बातें बताई गई हैं। जीटीआरआई के अनुसार, भले ही भारत के साथ वस्तुओं के व्यापार में अमेरिका को 44.4 अरब डॉलर का घाटा हो रहा है। लेकिन शिक्षा, डिजिटल सेवाएं, वित्तीय गतिविधियां, रॉयल्टी और हथियारों के व्यापार से अमेरिका को 35-40 अरब डॉलर का फायदा हो रहा है। इस रिपोर्ट के आधार पर भारत व्यापार समझौते की बातचीत में आत्मविश्वास से आगे बढ़ सकता है। साथ ही, घाटे के दावों का विरोध कर सकता है। वह निष्पक्ष शर्तों की मांग कर सकता है।

जीटीआरआई की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका भारत से कई तरह से पैसे कमाता है। इसमें शिक्षा सबसे बड़ा जरिया है। अमेरिका में पढ़ने वाले भारतीय छात्र हर साल 25 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च करते हैं। इसके अलावा, डिजिटल सेवाएं और हथियारों की बिक्री से भी अमेरिका को अच्छी खासी कमाई होती है। इन सभी को मिलाकर अमेरिका भारत से व्यापार में फायदे में रहता है।

अमेरिका का भारत के साथ व्यापार में घाटे का दावा सही नहीं है। असल में अमेरिका शिक्षा, डिजिटल सेवाओं, वित्तीय संचालन, बौद्धिक संपदा रॉयल्टी और हथियारों की बिक्री से भारत से हर साल लगभग 80-85 अरब डॉलर कमाता है। उन्होंने कहा, ‘भारत के साथ व्यापार में घाटे की अमेरिकी कहानी भ्रामक और अधूरी है। असलियत यह है कि अमेरिका शिक्षा, डिजिटल सेवाओं, वित्तीय संचालन, बौद्धिक संपदा रॉयल्टी और हथियारों की बिक्री के माध्यम से भारत से हर साल चुपचाप 80-85 अरब डॉलर कमाता है।’