झारखंड और कर्नाटक के बीच व्यापार सहोग को लेकर तैयारी तेज !
- By rakesh --
- 16 May 2026 --
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झारखंड और कर्नाटक के बीच व्यापार सहयोग पर को लेकर अहम बैठक
चेम्बर भवन में फेडरेशन ऑफ झारखंड चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और बेल्लारी डिस्ट्रिक्ट चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, कर्नाटक के बीच व्यापार और निवेश की संभावनाओं को लेकर एक संयुक्त बैठक
उद्योग विभाग, झारखंड सरकार ने राज्य के आर्थिक विकास का दृष्टिकोण सामने रखा
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झारखंड एक औद्योगिक पावरहाउस
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का दृष्टिकोण-:
खनिज ,खनन से लेकर हाई-एंड सॉल्यूशंस तक एक संपूर्ण मूल्य श्रृंखला (वैल्यू चेन) बनाने का
महिला उद्यमिता को आधारशिला बनाकर राज्य में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को सकारात्मक रूप से बदलने का
अरवा राजकमल, सचिव, उद्योग
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शुक्रवार को चेम्बर भवन में फेडरेशन ऑफ झारखंड चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और बेल्लारी डिस्ट्रिक्ट चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, कर्नाटक के बीच व्यापार और निवेश की संभावनाओं को लेकर हुए एक अहम बैठक में उद्योग सचिव श्री अरावा राजकमल ने कहा कि औद्योगिक दृष्टिकोण से झारखंड एक बेहद समृद्ध राज्य है। यहाँ विशाल खनिज संसाधन हैं और यह एक प्रमाणित औद्योगिक पावरहाउस रहा है। हमारे राज्य के भीतर की औद्योगिक इकाइयाँ इसके औद्योगिक कौशल का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि बेल्लारी खनन, विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और आईटी क्षेत्रों में अग्रणी है, और दोनों राज्यों के बीच आपसी सीखने और सहयोग के व्यापक अवसर हैं। उन्होंने देखा कि झारखंड चेम्बर ने राज्यों के बीच औद्योगिक संवाद को बढ़ावा देने की एक उत्कृष्ट परंपरा शुरू की है—एक ऐसी पहल जिसके निकट भविष्य में सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।वे शुक्रवार को चेम्बर भवन में आयोजित फेडरेशन ऑफ झारखंड चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और बेल्लारी डिस्ट्रिक्ट चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, कर्नाटक के बीच व्यापार और निवेश की संभावनाओं को लेकर एक संयुक्त बैठक में राज्य के आर्थिक विकास का दृष्टिकोण रख रहे थे।
राज्य में इको टूरिज्म, क्रिटिकल मिनरल्स, टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स, फूड प्रोसेसिंग और सुपर फूड्स क्षेत्रों में जबरदस्त क्षमता
श्री अरवा राजकमल ने आगे कहा कि झारखंड में उद्योग तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन राज्य के विकास को लेकर एक दूरदर्शी दृष्टिकोण रखते हैं। मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण खनन क्षेत्र में खनिज खनन से लेकर हाई-एंड सॉल्यूशंस तक एक संपूर्ण मूल्य श्रृंखला (वैल्यू चेन) बनाने का है। मुख्यमंत्री का इसी तरह का दृष्टिकोण महिला उद्यमिता को आधारशिला बनाकर राज्य में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को सकारात्मक रूप से बदलने का है। उन्होंने कहा कि राज्य में इको टूरिज्म, क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिज), टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स, फूड प्रोसेसिंग और सुपर फूड्स क्षेत्रों में जबरदस्त क्षमता है।
उद्योग विभाग निवेशकों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए हमेशा तत्पर
उद्योग निदेशक श्री विशाल सागर ने डेलीगेट्स को झारखंड में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने उल्लेख किया कि झारखंड ने इस वर्ष पहली बार दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) में भाग लिया था, जहाँ मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल में झारखंड चेम्बर भी शामिल था। माननीय मुख्यमंत्री ने राज्य में निवेश के अवसरों तलाशने के लिए यूनाइटेड किंगडम (यूके) के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भी किया था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य के भीतर भारी निवेश क्षमता पर जोर देते हुए उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग), पर्यटन और कृषि क्षेत्र निवेश के व्यापक अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने आगे जोड़ा कि उद्योग विभाग निवेशकों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए हमेशा तत्पर है।
बैठक के दौरान झारखंड और कर्नाटक के उद्योग और व्यापार प्रतिनिधियों के बीच व्यावसायिक विचारों, निवेश के अवसरों, औद्योगिक सहयोग और व्यापार विस्तार को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। दोनों राज्यों के प्रतिनिधियों ने भविष्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए आपसी समन्वय के साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया।
चेम्बर के महासचिव श्री रोहित अग्रवाल ने बेल्लारी डिस्ट्रिक्ट चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, कर्नाटक के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि यह बैठक उद्योग, निवेश, पर्यटन और व्यापार सहयोग में एक नए अध्याय की शुरुआत है। झारखंड और कर्नाटक के उद्यमियों के बीच सीधे संवाद से व्यापार सहयोग को नई गति मिलेगी।झारखंड चेम्बर के अध्यक्ष श्री आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि झारखंड और कर्नाटक दोनों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि झारखंड तेजी से औद्योगिक विकास के एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। राज्य की टेक्सटाइल नीति (कपड़ा नीति) आकर्षक है, और जल्द ही एक नई औद्योगिक नीति जारी होने वाली है, जो निवेशकों के लिए एक सुनहरा अवसर पेश करेगी। उन्होंने रेखांकित किया कि झारखंड एक खनिज-समृद्ध राज्य है, जो लिथियम, मैंगनीज और बॉक्साइट सहित विभिन्न खनिजों से संपन्न है। राज्य बिजली-सरप्लस (अधिशेष बिजली वाला) है और यहाँ कुशल जनशक्ति की कोई कमी नहीं है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि माननीय मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड राज्य निवेश और उद्योग के क्षेत्रों में एक अग्रणी राज्य के रूप में उभरेगा।
बेल्लारी में निवेश की संभावनाओं पर बोलते हुए, बेल्लारी डिस्ट्रिक्ट चेम्बर के अध्यक्ष श्री अव्वारु मंजूनाथ ने झारखंड के उद्यमियों को कर्नाटक में निवेश करने का निमंत्रण दिया। बेल्लारी चेम्बर के पदाधिकारियों ने झारखंड चेम्बर को बेंगलुरु में आयोजित होने वाले एमएसएमई (MSME) कॉन्क्लेव में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित किया। बैठक के दौरान दोनों राज्यों के उद्यमियों और व्यापारियों ने अपने-अपने व्यवसायों का परिचय दिया और विचारों का आदान-प्रदान किया।कार्यक्रम के दौरान बेल्लारी चेम्बर द्वारा उद्योग सचिव और उद्योग निदेशक को सम्मानित किया गया।
बैठक में उद्योग विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
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