हाईवे और सड़कों से तुरंत हटाए जाएं आवारा मवेशी !

हाईवे और सड़कों से तुरंत हटाए जाएं आवारा मवेशी, सुप्रीम कोर्ट का आया सख्त आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने एनएचएआई सहित अन्य ऑथेरिटी को निर्देश दिया कि वे राजमार्गों, एक्सप्रेसवे से मवेशियों और अन्य आवारा पशुओं को हटाना सुनिश्चित करें. कोर्ट ने ऑथेरिटी से राजमार्गों के उन हिस्सों की पहचान करने के लिए संयुक्त अभियान चलाने को कहा जहां आवारा पशु अक्सर पाए जाते हैं. शीर्ष कोर्ट ने शैक्षणिक केंद्रों, अस्पतालों जैसी जगहों में कुत्तों द्वारा काटे जाने की बढ़ती घटनाओं पर भी गौर किया।
कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले में अगली सुनवाई के लिए 13 जनवरी की तारीख तय की है।

 

सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को लेकर फिर से सख्त रुख दिखाया है. कोर्ट ने देश भर में सभी स्कूल, कॉलेजों, अस्पतालों, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, बस डिपो,रेलवे स्टेशनों से आवारा कुत्तों को हटाने का निर्देश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने वैक्सीनेशन और नसबंदी के बाद भी आवारा कुत्तों को उन्हें इन जगहों पर वापस नहीं छोड़ा जाना चाहिए. उन्हें शेल्टर होम में ही रखा जाना चाहिए.

देश भर में आवारा कुत्तों के प्रबंधन मामले पर स्वतः संज्ञान मामले में न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ ने सुनवाई की. इस दौरान उन्होंने आदेश दिया कि आवारा कुत्तों के प्रवेश को रोकने के लिए प्रत्येक शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, सार्वजनिक खेल परिसर, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर उचित बाड़ लगाई जाए.