नवजात का शव मिलने के बाद प्रशासन सख्त, डॉक्टर और कर्मियों पर FIR की तैयारी
- By rakesh --
- 28 Oct 2026 --
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मेदिनीनगर: मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमएमसीएच) परिसर में नवजात शिशु का शव मिलने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। घटना के बाद जांच के दायरे में आए उत्तम हॉस्पिटल और निपुण अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया गया है। उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत और पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी के निर्देश पर मामले की जांच की गई। प्रशासन के अनुसार, अस्पताल संचालक, डॉक्टर और संबंधित कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।
मंगलवार सुबह करीब 10 बजे अस्पताल परिसर में एक आवारा कुत्ते के मुंह में नवजात का शव दिखाई देने के बाद मामला सामने आया। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी। मामले में सीसीटीवी फुटेज, अस्पताल कर्मियों से पूछताछ और प्रसव से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज में दो महिलाओं के दिखने का दावा
प्रशासनिक जांच के दौरान उत्तम हॉस्पिटल और निपुण अल्ट्रासाउंड सेंटर के सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की गई। जांच टीम के अनुसार, फुटेज और अस्पताल कर्मियों से पूछताछ के आधार पर जानकारी मिली कि उत्तम हॉस्पिटल से दो महिलाएं एक थैले में नवजात का शव लेकर निकली थीं।
जांच में आरोप सामने आया कि शव को पोस्टमार्टम हाउस के समीप फेंका गया था। इसके बाद एक आवारा कुत्ता शव को मुंह में दबाकर अस्पताल परिसर में घूमता दिखाई दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित संस्थानों की भूमिका और घटनाक्रम की जांच तेज कर दी है। हालांकि, पूरे मामले में जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
प्रशिक्षु आईएएस के नेतृत्व में बनी जांच टीम
उपायुक्त के निर्देश पर प्रशिक्षु आईएएस ऋत्विक मेहता के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई। टीम ने उत्तम हॉस्पिटल और निपुण अल्ट्रासाउंड सेंटर की संयुक्त रूप से जांच की। प्रारंभिक जांच में नवजात का प्रसव उत्तम हॉस्पिटल में होने की बात सामने आने की जानकारी दी गई है।
जांच के दौरान प्रसव से जुड़े साक्ष्यों को मिटाने की आशंका भी जताई गई है। प्रशासन इस पहलू की पड़ताल कर रहा है कि घटना के बाद किन परिस्थितियों में नवजात का शव अस्पताल परिसर के पास पहुंचा और इसमें किन लोगों की भूमिका हो सकती है। इन आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
नाबालिग के प्रसव से जुड़ा पहलू भी जांच के दायरे में
प्रारंभिक जांच में उत्तम हॉस्पिटल में एक नाबालिग का प्रसव कराए जाने की बात भी सामने आई है। दोनों संस्थानों के संचालन से जुड़े डॉ. शिव कुमार बिंद का नाम भी जांच के दौरान सामने आया है। संस्थानों के पंजीयन से संबंधित संख्या 64/24 बताई गई है।
प्रशासन अब संस्थानों के पंजीकरण, संचालन की वैधता, प्रसव से संबंधित रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रहा है। नाबालिग के प्रसव से जुड़े मामले की परिस्थितियों को भी जांच में शामिल किया गया है। अधिकारियों का उद्देश्य घटना की पूरी कड़ी का पता लगाना और संबंधित तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करना है।
दोनों संस्थान सील, प्राथमिकी की तैयारी
प्रशिक्षु आईएएस ऋत्विक मेहता के अनुसार, उपायुक्त के निर्देश पर जांच की गई और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज तथा अस्पताल कर्मियों से पूछताछ के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। जांच के बाद उत्तम हॉस्पिटल और निपुण अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया गया है।
मामले में अस्पताल संचालक, डॉक्टर और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन की ओर से संस्थानों से जुड़े दस्तावेजों और घटना के अन्य पहलुओं की जांच जारी है। नवजात का शव मिलने की घटना ने अस्पताल परिसर की सुरक्षा और निजी चिकित्सा संस्थानों की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
फिलहाल, मामले में सामने आए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी। प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में किन तथ्यों की पुष्टि होती है और जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।
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