जमशेदपुर के पेंट बाजार में महंगाई की मार, पेंटर की मजदूरी 500 से बढ़कर 700 रुपये

जमशेदपुर के पेंट बाजार में महंगाई की मार, पेंटर की मजदूरी 500 से बढ़कर 700 रुपये

जमशेदपुर: दीपावली और धनतेरस को लेकर शहर के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। लोग घरों, दुकानों और दफ्तरों को सजाने-संवारने में जुटे हैं। लेकिन इस बार त्योहार से पहले रंगाई-पुताई कराना लोगों की जेब पर भारी पड़ रहा है। कच्चे माल की लागत और ढुलाई खर्च में बढ़ोतरी के कारण डिस्टेंपर, प्लास्टिक पेंट, वेदर कोट और चूने जैसी सामग्रियों की कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि होने की बात सामने आई है। पेंट के साथ मजदूरी महंगी होने से घर की मरम्मत और सजावट का कुल बजट भी बढ़ गया है।

पेंट की कीमतों में बढ़ोतरी से बिगड़ा घरेलू बजट

दीपावली के दौरान घरों की रंगाई-पुताई कराने की परंपरा के कारण हर साल पेंट बाजार में मांग बढ़ती है। इस बार भी बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बनी हुई है, लेकिन बढ़ी कीमतों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अब कई ग्राहक महंगे और प्रीमियम पेंट के बजाय किफायती उत्पादों को चुन रहे हैं, ताकि सीमित बजट में घर की रंगाई-पुताई का काम पूरा किया जा सके।

साकची बाजार के पेंट कारोबारी प्रकाश अग्रवाल के अनुसार, केमिकल और पेट्रोलियम आधारित कच्चे माल की लागत बढ़ने से कंपनियों ने उत्पादों की कीमतों में संशोधन किया है। उन्होंने बताया कि दीपावली ऐसा अवसर है, जब बड़ी संख्या में लोग अपने घरों और दुकानों की रंगाई-पुताई कराते हैं। इस वजह से कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद बाजार में मांग बनी हुई है।

लोकल और ब्रांडेड पेंट के दाम में अंतर

बाजार में स्थानीय और ब्रांडेड पेंट की कीमतें उत्पाद की गुणवत्ता, इस्तेमाल और श्रेणी के अनुसार अलग-अलग हैं। उपलब्ध बाजार जानकारी के मुताबिक, लोकल पेंट की कीमत लगभग 150 से 700 रुपये प्रति लीटर बताई जा रही है। वहीं, ब्रांडेड पेंट के अंदरूनी इस्तेमाल वाले विकल्प करीब 150 से 720 रुपये प्रति लीटर और बाहरी दीवारों के लिए इस्तेमाल होने वाले पेंट लगभग 200 से 640 रुपये प्रति लीटर की दर से उपलब्ध हैं।

दीवारों को चिकना बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली 40 किलोग्राम की पुट्टी की कीमत करीब 680 रुपये बताई गई है। हालांकि, वास्तविक कीमत ब्रांड, उत्पाद की श्रेणी और दुकानदार के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए खरीदारी से पहले अलग-अलग दुकानों पर दाम की तुलना करना ग्राहकों के लिए फायदेमंद हो सकता है।

प्राइमर, चूना और पीओपी भी महंगे

रंगाई-पुताई में पेंट के अलावा प्राइमर, पुट्टी, चूना और प्लास्टर ऑफ पेरिस यानी पीओपी की भी जरूरत पड़ती है। बाजार में अंदरूनी इस्तेमाल के प्राइमर की कीमत लगभग 130 से 350 रुपये प्रति लीटर बताई गई है। बाहरी इस्तेमाल वाले प्राइमर के लिए 1,800 से 2,650 रुपये तक की कीमत का उल्लेख किया गया है। इन दरों में उत्पाद की मात्रा और पैकिंग के कारण अंतर हो सकता है।

इसके अलावा चूने और पीओपी की 25 से 50 किलोग्राम की बोरियों पर करीब 40 से 70 रुपये तक की बढ़ोतरी बताई जा रही है। रंगाई-पुताई के दौरान इन सामग्रियों की जरूरत पड़ने से कुल खर्च में अतिरिक्त बोझ जुड़ रहा है। खासकर उन परिवारों को अधिक खर्च करना पड़ सकता है, जिन्हें पूरे घर की दीवारों की मरम्मत और रंगाई करानी है।

पेंटर और हेल्पर की मजदूरी भी बढ़ी

पेंट सामग्री के महंगे होने के साथ रंगाई-पुताई करने वाले कारीगरों की मजदूरी में भी बढ़ोतरी हुई है। बाजार से मिली जानकारी के अनुसार, पेंटर की दैनिक मजदूरी पहले करीब 500 रुपये थी, जो अब बढ़कर लगभग 700 रुपये हो गई है। वहीं, उनके साथ काम करने वाले हेल्पर को करीब 600 रुपये प्रतिदिन देने पड़ रहे हैं।

दीपावली नजदीक आने के साथ पेंटर और हेल्पर की उपलब्धता भी चुनौती बन रही है। त्योहार से पहले अधिक घरों और दुकानों में काम होने के कारण कारीगरों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में लोगों को रंगाई-पुताई का काम समय पर पूरा कराने के लिए पहले से कारीगर तय करने पड़ सकते हैं।

त्योहार की तैयारी में बढ़ रहा कुल खर्च

जमशेदपुर में दीपावली और धनतेरस से पहले पेंट सामग्री और मजदूरी की बढ़ी दरें लोगों के घरेलू बजट को प्रभावित कर रही हैं। महंगाई के बीच ग्राहक जरूरत के अनुसार पेंट का चयन कर रहे हैं और खर्च नियंत्रित रखने की कोशिश कर रहे हैं। बाजार की मौजूदा स्थिति में सामग्री खरीदने से पहले कीमतों की तुलना करना और मजदूरी तय करना उपयोगी हो सकता है।

इस बार त्योहार की तैयारियों में रंगाई-पुताई कराने वालों को केवल पेंट की कीमत ही नहीं, बल्कि प्राइमर, पुट्टी, चूना और कारीगरों की मजदूरी को भी ध्यान में रखना होगा। इससे कुल खर्च का बेहतर अनुमान लगाया जा सकता है और आखिरी समय में बजट बिगड़ने की आशंका कम होगी।

यह भी पढ़ें: कोल इंडिया ने छह महीने में पार किया कैपेक्स लक्ष्य, खनन इंफ्रास्ट्रक्चर पर सबसे ज्यादा खर्च