पटना में 2060 किलो मिठाई नष्ट, जानें किन दुकानों पर हुई खाद्य विभाग की कार्रवाई

पटना में 2060 किलो मिठाई नष्ट, जानें किन दुकानों पर हुई खाद्य विभाग की कार्रवाई

पटना: त्योहारों और आम दिनों में लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य संरक्षा विभाग ने पटना जिले में जांच अभियान तेज कर दिया है। मंगलवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश जी कश्यप के नेतृत्व में टीम ने छह बड़े खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान साफ-सफाई में लापरवाही, खाद्य सामग्री के रखरखाव में गड़बड़ी और जरूरी दस्तावेजों की कमी जैसी खामियां सामने आईं। विभाग ने दो प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए, जबकि 2060 किलोग्राम से अधिक मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री जब्त कर नष्ट की गई।

स्वास्थ्य विभाग के सचिव और कमिश्नर कुमार रवि के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में मिठाई दुकानों, रेस्टोरेंट और डेयरी प्रतिष्ठानों की जांच की गई। कुछ जगहों से खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए, जबकि अन्य प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने के लिए नोटिस जारी किया गया।

आकाश स्वीट्स से 2060 किलो मिठाई जब्त

खाद्य विभाग की सबसे बड़ी कार्रवाई धनरुआ प्रखंड के देवराह टोला हवलदारचक स्थित आकाश स्वीट्स में हुई। निरीक्षण के दौरान टीम ने बेसन के लड्डू, मिल्क केक और खोवा सहित कुल 2060 किलोग्राम मिठाई जब्त की। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 3 लाख 67 हजार 600 रुपये बताई गई है। विभाग के अनुसार, मिठाइयों को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया और नमूने जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए।

निरीक्षण के दौरान दुकान में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। मिठाइयों की पैकिंग पर बैच नंबर, निर्माण तिथि और बेस्ट बिफोर जैसी आवश्यक जानकारियां भी दर्ज नहीं थीं। इसके अतिरिक्त कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र, पेस्ट कंट्रोल और पानी की जांच से संबंधित रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं कराई गई।

इन अनियमितताओं के आधार पर विभाग ने प्रतिष्ठान को सात दिनों तक बंद रखने और उसका लाइसेंस निलंबित करने का आदेश दिया। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और उसके सुरक्षित रखरखाव को लेकर विभाग ने कार्रवाई की।

माखन भोग वर्कशॉप का लाइसेंस निलंबित

अगमकुआं के महात्मा गांधी नगर स्थित बीएच कॉलोनी में माखन भोग वर्कशॉप का भी निरीक्षण किया गया। यहां अस्वच्छता मिलने के बाद विभाग ने प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित कर दिया।

जांच के दौरान वर्कशॉप से 180 किलोग्राम गोंद जब्त किया गया। इसके अलावा 15 किलोग्राम पेड़ा, 3.3 किलोग्राम डोडा बर्फी, आठ किलोग्राम मिल्क केक, पांच किलोग्राम खोवा, 30 लीटर कुकिंग ऑयल और 50 किलोग्राम चीनी सहित अन्य खाद्य सामग्री भी जब्त कर नष्ट की गई।

विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की स्वच्छता और सुरक्षित भंडारण से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। खाद्य प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई की अनदेखी से उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका रहती है।

बंशी लाल रेस्टोरेंट में बासी खाद्य सामग्री नष्ट

बाजार समिति के मुख्य गेट के पास स्थित बंशी लाल रेस्टोरेंट में भी खाद्य सुरक्षा टीम ने जांच की। निरीक्षण के दौरान बासी खाद्य सामग्री मिलने पर उसे नष्ट कर दिया गया। इसमें तीन किलोग्राम समोसे का आलू, 50 पीस बासी इडली-वड़ा, दो किलोग्राम सॉस और दो किलोग्राम चटनी शामिल थे।

टीम को रसोई में गंदगी भी मिली। इसके साथ ही कच्चे और पके हुए खाद्य पदार्थों को एक साथ रखने की खामी सामने आई। खाद्य पदार्थों को अलग-अलग और सुरक्षित तरीके से रखना संक्रमण तथा दूषित होने के जोखिम को कम करने के लिए जरूरी है।

कंकड़बाग डेयरी से लिए गए नमूने, अन्य दुकानों को नोटिस

जांच अभियान के दौरान कंकड़बाग स्थित कन्हैया डेयरी से पनीर और खोवा के नमूने लिए गए। निरीक्षण में पेस्ट कंट्रोल और एफओएसटीएसी प्रशिक्षण से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं मिले।

पटना जंक्शन स्थित शक्ति स्वीट्स में कर्मचारी बिना मास्क और दस्ताने के काम करते पाए गए। यहां खाद्य सामग्री के भंडारण में एफआइएफओ यानी पहले आई सामग्री का पहले इस्तेमाल करने के नियम का पालन नहीं होने की बात भी सामने आई।

महावीर मंदिर स्थित प्रसाद केंद्र में साफ-सफाई की स्थिति खराब मिली। कर्मचारियों के बिना एप्रन के काम करने की खामी भी दर्ज की गई। इन तीनों प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने के लिए 14 दिनों का नोटिस दिया गया है। इसके अलावा दो दर्जन से अधिक प्रसाद स्टॉलों को भी चेतावनी दी गई।

खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील

खाद्य संरक्षा विभाग ने जिले के सभी खाद्य कारोबारियों से प्रतिष्ठानों में स्वच्छता बनाए रखने और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, भंडारण और साफ-सफाई से संबंधित नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी जांच और कार्रवाई जारी रहेगी।

इस अभियान के दौरान हुई कार्रवाई का विवरण उपभोक्ताओं के लिए भी अहम है। खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी पैकिंग, निर्माण तिथि और बेस्ट बिफोर की जानकारी देखना उपयोगी है। वहीं, खाद्य कारोबारियों के लिए साफ-सफाई, कर्मचारियों की स्वच्छता और जरूरी रिकॉर्ड का रखरखाव नियमों के अनुपालन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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