फुलवारी शरीफ: तेजस्वी यादव पहुंचे खानकाह मुजीबिया

तेजस्वी यादव पहुंचे खानकाह मुजीबिया, चादरपोशी कर मांगी अमन-चैन की दुआ

फुलवारी शरीफ: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव बुधवार को फुलवारी शरीफ स्थित ऐतिहासिक खानकाह मुजीबिया पहुंचे। उनके साथ राजद के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी, तनवीर हसन, शक्ति यादव, पूर्व विधायक अनवर आलम समेत कई राजद नेता मौजूद रहे। खानकाह पहुंचने पर तेजस्वी यादव का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

तेजस्वी यादव ने खानकाह के संस्थापक हजरत मखदूम सैय्यद शाह पीर मुहम्मद मुजीबुल्लाह कादरी रहमतुल्लाह अलैह की मजार-ए-मुबारक पर चादरपोशी की। उन्होंने बिहार और देश में अमन-चैन, आपसी भाईचारे, खुशहाली और तरक्की के लिए दुआ मांगी।

गद्दीनशीन पीर से की मुलाकात

खानकाह पहुंचने पर प्रबंधक मौलाना मिलादुद्दीन कादरी ने तेजस्वी यादव का खैरमकदम किया। इसके बाद उन्हें गद्दीनशीन पीर सैय्यद शाह आयतुल्लाह कादरी के पास ले जाया गया। दोनों के बीच मुलाकात हुई और दुआ-सलाम किया गया।

इसके बाद तेजस्वी यादव ने मजार-ए-मुबारक पर चादरपोशी कर दुआ मांगी।

मोहब्बत और भाईचारे का संदेश अपनाने की अपील

तेजस्वी यादव ने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के जन्मदिन ईद मिलादुन्नबी के मौके पर वह सभी लोगों को मुबारकबाद और शुभकामनाएं देने खानकाह मुजीबिया आए हैं।

उन्होंने कहा कि सूफी संतों और बुजुर्गों ने हमेशा मोहब्बत, इंसानियत, भाईचारे और अमन का संदेश दिया है। उन्होंने बिहार और पूरे देश में शांति, भाईचारे और खुशहाली की कामना की।

लालू यादव का भी खानकाह से रहा है पुराना लगाव

तेजस्वी यादव ने कहा कि उनके पिता लालू प्रसाद यादव का फुलवारी शरीफ और खानकाह मुजीबिया से पुराना लगाव रहा है। उन्होंने बताया कि लालू प्रसाद यादव भी यहां नियमित रूप से आते रहे हैं।

तेजस्वी यादव के खानकाह पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में लोग, खासकर युवा, उन्हें देखने के लिए जुट गए। खानकाह परिसर के आसपास भीड़ जमा हो गई। तेजस्वी यादव ने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और सभी को ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद दी।

श्याम रजक और आफताब आलम ने भी की चादरपोशी

फुलवारी शरीफ खानकाह मुजीबिया में सालाना उर्स के मौके पर विधायक श्याम रजक और फुलवारी शरीफ नगर परिषद के निवर्तमान अध्यक्ष आफताब आलम ने भी हजरत सैय्यद शाह पीर मुहम्मद मुजीबुल्लाह कादरी रहमतुल्लाह अलैह की मजार-ए-मुबारक पर चादरपोशी की।

दोनों ने बिहार और पूरे देश में अमन-चैन, आपसी भाईचारे, खुशहाली और समृद्धि की दुआ मांगी। श्याम रजक ने लोगों से मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का संदेश अपनाने की अपील की।

आफताब आलम ने कहा कि खानकाह मुजीबिया की रूहानी और ऐतिहासिक पहचान पूरे बिहार में है और यहां देश के अलग-अलग हिस्सों से जायरीन पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि उर्स जैसे आयोजन समाज में प्रेम, शांति और भाईचारे को मजबूत करने का संदेश देते हैं।

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