France Protest: फ्रांस में हिंसा पर ट्रंप का बयान, बोले- ‘फ्रांस जल रहा है’; इमिग्रेशन पर छिड़ी बहस

France Protest: फ्रांस में हिंसा पर ट्रंप का बयान, बोले- ‘फ्रांस जल रहा है’; इमिग्रेशन पर छिड़ी बहस

France Protest: फ्रांस के कई शहरों में महंगाई, बढ़ती जीवन-यापन लागत और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर विरोध-प्रदर्शन के बीच हिंसा की खबरें सामने आई हैं। इस घटनाक्रम पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इमिग्रेशन को जिम्मेदार ठहराते हुए फ्रांस को अपनी सीमाएं बंद करने की सलाह दी है। वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने आगजनी, लूटपाट और सरकारी इमारतों पर हमलों की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।

ट्रंप बोले- ‘फ्रांस जल रहा है’, इमिग्रेशन पर साधा निशाना

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, ‘फ्रांस जल रहा है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरे देशों से आए लोगों के कारण फ्रांस की स्थिति बिगड़ी है। ट्रंप ने फ्रांस को अपनी सीमाएं बंद करने और हालात पर नियंत्रण पाने की सलाह दी।

उन्होंने इमिग्रेशन को देश की समस्याओं से जोड़ते हुए कहा कि देर होने से पहले सीमा नियंत्रण के कदम उठाने चाहिए। हालांकि, फ्रांस में जारी प्रदर्शनों के प्रमुख मुद्दों में महंगाई, जीवन-यापन की बढ़ती लागत और सार्वजनिक सेवाओं की स्थिति भी शामिल हैं।

पेरिस, नीस और मार्सेई में आगजनी और लूटपाट की खबरें

प्रदर्शनों के दौरान पेरिस, नीस और मार्सेई समेत कई शहरों में हिंसा की खबरें सामने आईं। दी गई जानकारी के अनुसार, AFP की रिपोर्ट में नकाबपोश समूहों द्वारा दुकानों में लूटपाट, सार्वजनिक इमारतों को निशाना बनाने और आगजनी की घटनाओं का उल्लेख किया गया है।

लिमोज शहर में 19वीं सदी की सिटी हॉल इमारत में भी आग लगने की खबर आई। स्थानीय प्रशासन ने आशंका जताई कि आग जानबूझकर लगाई गई हो सकती है। इन घटनाओं के बाद कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई।

1800 से अधिक गिरफ्तारियों की खबर

हिंसक झड़पों के बाद फ्रांस में 1800 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव के दौरान कई स्थानों पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

हालांकि, गिरफ्तारियों की संख्या और विभिन्न शहरों में हुई घटनाओं के नवीनतम आधिकारिक आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

मैक्रों ने हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने आगजनी, लूटपाट और सरकारी इमारतों पर हमलों की निंदा की। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों और कारोबार को निशाना बनाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मैक्रों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के अधिकारों का समर्थन करते हुए हिंसा फैलाने वालों की आलोचना की। फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने भी कहा कि प्रदर्शन करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है, लेकिन जानबूझकर हिंसा और अव्यवस्था फैलाना स्वीकार नहीं किया जा सकता।

महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर क्यों बढ़ा असंतोष?

दी गई जानकारी के मुताबिक, आंदोलन की शुरुआत स्कूलों में कर्मचारियों की कमी और खराब सुविधाओं को लेकर छात्रों की नाराजगी से हुई थी। बाद में महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत से परेशान दूसरे समूह भी विरोध-प्रदर्शनों में शामिल हो गए।

छात्रों ने सितंबर के आखिर से कई स्कूलों के प्रवेश द्वार बाधित कर बेहतर सुविधाओं की मांग की थी। धीरे-धीरे विरोध का दायरा बढ़ने के साथ सार्वजनिक सेवाओं और आर्थिक दबाव को लेकर असंतोष भी सामने आया।

फ्रांस में जारी घटनाक्रम के बीच ट्रंप के बयान ने इमिग्रेशन को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। हालांकि, मौजूदा हिंसा को केवल इमिग्रेशन से जोड़ने के लिए स्वतंत्र प्रमाण जरूरी हैं। महंगाई, सार्वजनिक सेवाओं और प्रदर्शनकारियों की मांगों को समझना भी इस घटनाक्रम के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।

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