भारत-उज्बेकिस्तान रिश्तों को नई मजबूती, रेयर अर्थ मिनरल्स और माइनिंग में बढ़ेगा सहयोग

भारत-उज्बेकिस्तान रिश्तों को नई मजबूती, रेयर अर्थ मिनरल्स और माइनिंग में बढ़ेगा सहयोग

नई दिल्ली: भारत और उज़्बेकिस्तान ने अपनी रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में अहम कदम उठाए हैं। उज़्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव, जो अभी भारत की चार दिन की यात्रा पर हैं, ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। व्यापार, रेयर अर्थ मिनरल्स, माइनिंग, ऊर्जा, डिजिटल टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई।

रेयर अर्थ मिनरल्स और माइनिंग पर खास ज़ोर

बैठक के बाद, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत उज़्बेकिस्तान को अपने “विस्तारित पड़ोस” (extended neighborhood) में एक अहम साझेदार मानता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंध एक नई दिशा में बढ़ रहे हैं, और माइनिंग व रेयर अर्थ मिनरल्स के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की खास योजना है। उन्होंने बताया कि हालांकि भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार लगभग एक अरब डॉलर का है, लेकिन दोनों देशों के लिए इसमें और भी बहुत ज़्यादा संभावनाएं हैं। इसी मकसद से व्यापार और निवेश बढ़ाने की कोशिशें और तेज़ की जाएंगी।

राष्ट्रपति मुर्मू ने सहयोग की संभावनाओं पर ज़ोर दिया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि रेयर अर्थ मिनरल्स, कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और माइनिंग जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। भारत-उज़्बेकिस्तान बिज़नेस फ़ोरम का स्वागत करते हुए, उन्होंने इसे उद्योग और निवेश के लिए एक अहम मंच बताया। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक 3,000 से ज़्यादा उज़्बेक अधिकारियों, पेशेवरों और छात्रों ने भारत के ITEC और स्कॉलरशिप प्रोग्राम के तहत ट्रेनिंग ली है। वहीं, 16,000 से ज़्यादा भारतीय छात्र अभी उज़्बेकिस्तान में उच्च शिक्षा ले रहे हैं।

NAM और आतंकवाद पर साझा रुख

बैठक के दौरान, भारत ने 2027-29 के कार्यकाल के लिए नॉन-अलाइन्ड मूवमेंट (NAM) की अध्यक्षता करने की उज़्बेकिस्तान की दावेदारी का समर्थन करने की घोषणा की। भारत ने ब्रिक्स (BRICS) में एक साझेदार देश के तौर पर सहयोग के लिए उज़्बेकिस्तान का आभार भी जताया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद, चरमपंथ और ड्रग तस्करी से निपटने के मामले में भारत और उज़्बेकिस्तान का नज़रिया एक जैसा है। दोनों देशों ने सीमा-पार आतंकवाद समेत सभी तरह के आतंकवाद के खिलाफ ‘ज़ीरो-टॉलरेंस’ नीति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

रिश्ते और मजबूत होंगे

दोनों देश इस बात पर सहमत हुए कि लगातार उच्च-स्तरीय बातचीत और सहयोग से उनके द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होंगे। उम्मीद जताई गई कि भविष्य में व्यापार, निवेश, रणनीतिक साझेदारी, टेक्नोलॉजी और मध्य एशिया में सहयोग को लेकर कई नई पहल की जाएंगी।

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