जेटेट परीक्षा से पहले बड़ा सवाल, अंग्रेजी के अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड में सामाजिक अध्ययन की कोटि

जेटेट परीक्षा से पहले बड़ा सवाल, अंग्रेजी के अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड में सामाजिक अध्ययन की कोटि

रांची: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) की तैयारी के बीच प्रवेश पत्र में दर्ज विसंगतियों ने कई अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ा दी है। एक नवंबर 2026 को प्रस्तावित परीक्षा से पहले राज्य के अलग-अलग जिलों से अभ्यर्थी झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) कार्यालय पहुंचकर सुधार की मांग कर रहे हैं। किसी के प्रवेश पत्र में शिक्षक की कोटि गलत दर्ज है, तो कोई विषय, आधार नंबर और अन्य विवरणों में त्रुटियों से परेशान है। अभ्यर्थियों ने जैक कार्यालय में आवेदन देकर समस्याओं के समाधान की मांग की है।

अंग्रेजी से स्नातक, प्रवेश पत्र में सामाजिक अध्ययन की कोटि

जैक कार्यालय पहुंचे कई अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने अंग्रेजी विषय से स्नातक किया है, लेकिन उनके प्रवेश पत्र में शिक्षक की कोटि सामाजिक अध्ययन दर्ज कर दी गई है। कुछ अभ्यर्थियों का दावा है कि उन्होंने आवेदन करते समय सही विकल्प चुना था, इसके बावजूद प्रवेश पत्र में गलत विवरण आ गया।

वहीं, कुछ अभ्यर्थियों ने आवेदन प्रक्रिया के दौरान विकल्प चयन में समस्या होने की बात कही। उन्हें आशंका है कि परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद भी शिक्षक की कोटि में विसंगति के कारण भविष्य में सहायक आचार्य की नियुक्ति प्रक्रिया में परेशानी हो सकती है।

सुधार के लिए जैक कार्यालय पहुंचे अभ्यर्थी

प्रवेश पत्र में गलत विवरण दर्ज होने के कारण अभ्यर्थी जैक कार्यालय में आवेदन जमा कर रहे हैं। उनका कहना है कि परीक्षा से पहले त्रुटियों को ठीक किया जाना जरूरी है, ताकि आगे प्रमाणपत्र और नियुक्ति से संबंधित प्रक्रिया में कोई समस्या न आए।

अभ्यर्थियों ने यह भी बताया कि उन्होंने सुधार के लिए आवेदन तो जमा कर दिया, लेकिन उन्हें आवेदन प्राप्त होने की कोई रसीद नहीं दी गई। इससे उन्हें अपने आवेदन की स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है।

जमशेदपुर से साहिबगंज तक के अभ्यर्थी परेशान

जमशेदपुर से आए सुमित मिश्रा ने बताया कि उन्होंने अंग्रेजी विषय से ऑनर्स किया है। उनके अनुसार, प्रवेश पत्र में विषय सही है, लेकिन शिक्षक की कोटि सामाजिक अध्ययन दर्ज है।

साहिबगंज से पहुंचे बिट्टू गोराई ने भी अंग्रेजी विषय से स्नातक करने के बावजूद प्रवेश पत्र में सामाजिक विज्ञान की कोटि दर्ज होने की बात कही। इसके अलावा गिरिडीह के सुखदेव यादव, गोड्डा के रितु राज, दुमका की कृति कुमारी, रांची की प्रिया स्वाति मिंज और गुमला की नूतन बारला भी अपने प्रवेश पत्र में सुधार की मांग को लेकर जैक कार्यालय पहुंचीं।

परीक्षा के बाद विसंगतियों पर विचार करेगा जैक

झारखंड एकेडमिक काउंसिल के सचिव एसडी तिग्गा ने बताया कि अभ्यर्थियों ने विभिन्न प्रकार की त्रुटियों को लेकर आवेदन जमा किए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक की कोटि से जुड़ी कुछ विसंगतियों का कारण आवेदन के दौरान गलत कोटि का चयन होना है। ऐसे मामलों में विषय का विवरण सही है, लेकिन कोटि का चयन गलत दर्ज है।

सचिव के अनुसार, शिक्षक की कोटि से जुड़ी विसंगतियों पर परीक्षा के बाद विचार किया जाएगा। ऐसे में अभ्यर्थियों को अब जैक की ओर से आगे की कार्रवाई और सुधार प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी का इंतजार है।

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