बाबूलाल मरांडी का हेमंत सरकार पर हमला, शराब-पत्थर घोटाले और पेपर लीक को लेकर उठाए सवाल
- By rakesh --
- 04 Oct 2026 --
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रांची: झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य की शासन व्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आत्ममंथन करने और शासन व्यवस्था में सुधार की दिशा में कदम उठाने की सलाह दी।
मरांडी ने अपने बयान में शराब नीति, पत्थर घोटाले और पेपर लीक से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनके आरोपों को सरकार की ओर से इस खबर में कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
शराब, पत्थर घोटाले और पेपर लीक का किया जिक्र
बाबूलाल मरांडी ने शराब घोटाले से जुड़े मामले का हवाला देते हुए दावा किया कि एसीबी कोर्ट से संबंधित मामले में मुख्यमंत्री के सचिव पर शराब नीति में बदलाव के लिए 50 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप सामने आया है।
उन्होंने पत्थर घोटाले में सीबीआई जांच के आदेश और पेपर लीक मामलों में कथित संलिप्तता से जुड़े सबूतों का भी उल्लेख किया। मरांडी ने इन मामलों को लेकर राज्य सरकार की व्यवस्था और अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े किए।
शासन व्यवस्था में पारदर्शिता की जरूरत
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि अधिकारियों को भ्रष्टाचार से रोका जाए और शासन व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
उनके अनुसार, ऐसा नहीं होने से कई अधिकारियों का करियर दांव पर लगा है। साथ ही, जनता का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा भी कमजोर हुआ है।
मरांडी ने प्रखंड और थाना स्तर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में सुधार होने से लोगों का सरकारी तंत्र पर भरोसा दोबारा कायम किया जा सकता है।
खनिज संसाधनों का लाभ जनता को मिले
बाबूलाल मरांडी ने झारखंड के प्राकृतिक और खनिज संसाधनों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बालू, पत्थर और कोयला जैसे संसाधनों का इस्तेमाल जनता के विकास के लिए होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इन संसाधनों से मिलने वाला लाभ राज्य की जनता तक पहुंचना चाहिए और भ्रष्टाचार पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाया जाना जरूरी है।
सत्ता स्थायी नहीं, कार्यप्रणाली सुधारने की सलाह
अपने बयान में बाबूलाल मरांडी ने लालू प्रसाद यादव और ममता बनर्जी की राजनीतिक परिस्थितियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती।
उन्होंने राज्य सरकार को समय रहते अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने की सलाह दी। मरांडी ने कहा कि समय बीतने के बाद इतिहास किसी को माफ नहीं करता।