झारखंड में कांग्रेस का राज्यव्यापी प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
- By rakesh --
- 28 Sep 2026 --
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रांची: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सोमवार, 28 सितंबर को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। राजधानी रांची में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय का घेराव किया और मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया। इसके साथ ही राज्य के विभिन्न जिला मुख्यालयों में भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
कांग्रेस का यह आंदोलन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR, मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर किया गया। पार्टी नेताओं ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की मांग उठाई।
रांची में चुनाव आयोग कार्यालय का घेराव
रांची में हुए प्रदर्शन में कांग्रेस के अलग-अलग प्रकोष्ठों और संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की और विरोध जताया।
प्रदर्शन के दौरान महानगर कांग्रेस उपाध्यक्ष अरुण चावला, चुटिया प्रखंड अध्यक्ष प्रशांत गौरव, कोयलांचल स्टील कामगार यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष दीपेश पाठक, विकास सिंह, महेश राय समेत कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस की ओर से 28 सितंबर को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और रांची में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के घेराव की घोषणा पहले ही की गई थी। सोमवार को पार्टी ने इसी कार्यक्रम के तहत अलग-अलग स्थानों पर विरोध दर्ज कराया।
SIR और मतदाता सूची के मुद्दे पर कांग्रेस का विरोध
कांग्रेस ने अपने आंदोलन को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और उससे जुड़े विभिन्न मुद्दों से जोड़ा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, नाम हटाने और मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए।
SIR को लेकर देश के कई हिस्सों में राजनीतिक बहस चल रही है। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर SIR-2026 से संबंधित मतदाता सेवाएं और पिछले SIR के मतदाता रिकॉर्ड को खोजने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
कांग्रेस का आरोप है कि मौजूदा चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। हालांकि, ये कांग्रेस के राजनीतिक आरोप और दावे हैं। इन्हें निर्वाचन आयोग या अन्य संबंधित पक्षों की ओर से स्वीकार किया गया तथ्य नहीं माना जा सकता।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर नारेबाजी
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को प्रमुखता से उठाया। पार्टी की ओर से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को आंदोलन का आधार बताया गया है।
झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने प्रदर्शन से पहले कहा था कि पार्टी लोकतंत्र और नागरिकों के मतदान अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रही है। कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कई आरोप भी लगाए हैं।
वहीं, चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जो देश में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े कामों का संचालन करती है। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर मतदाता पंजीकरण, नाम में सुधार और अन्य चुनावी सेवाओं की जानकारी उपलब्ध है।
जिला मुख्यालयों पर भी दिखा विरोध
रांची के अलावा झारखंड के विभिन्न जिला मुख्यालयों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। पार्टी की ओर से इन प्रदर्शनों के जरिए निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अपना विरोध दर्ज कराया गया।
राज्य में SIR को लेकर राजनीतिक गतिविधियां ऐसे समय तेज हुई हैं, जब मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस ने अपने आंदोलन के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को भी प्रमुख मुद्दा बनाया है।
हालांकि, निर्वाचन आयोग से जुड़े विवादों पर अलग-अलग राजनीतिक दलों और संस्थाओं के पक्ष अलग हैं। इसलिए कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों को पार्टी के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए, न कि स्थापित तथ्य के रूप में।
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