झारखंड के पूर्व गृह सचिव पर लगे आरोपों की जांच में नया मोड़, 5 नवंबर को रिपोर्ट तलब
- By rakesh --
- 31 Oct 2026 --
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रांची: झारखंड के पूर्व गृह सचिव एनएन पांडेय के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों से जुड़े मामले में लोकायुक्त कार्यालय ने कार्रवाई तेज कर दी है। लोकायुक्त कार्यालय ने मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग के प्रधान सचिव को समन जारी कर पांच नवंबर को सुबह 11 बजे उपस्थित होने का निर्देश दिया है। प्रधान सचिव को स्वयं या अपने प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित होकर इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
लोकायुक्त कार्यालय की ओर से 14 अक्टूबर को समन जारी किया गया था। इसमें एसीबी और मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग के बीच हुए पत्राचार के बाद की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा गया है। करीब नौ साल से लंबित इस मामले में रिपोर्ट मिलने के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।
2017 में लोकायुक्त कार्यालय में दर्ज हुई थी शिकायत
पूर्व गृह सचिव एनएन पांडेय के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में 21 अगस्त 2017 को लोकायुक्त कार्यालय में लिखित शिकायत की गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि गृह सचिव के पद पर रहते हुए उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर अवैध संपत्ति अर्जित की।
शिकायत के साथ उनकी कथित अचल संपत्तियों से संबंधित जानकारी भी दी गई थी। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को प्रारंभिक जांच यानी पीई दर्ज कर तीन सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था।
पीई दर्ज करने की अनुमति के लिए विभाग को लिखा गया था पत्र
मामले में एसीबी ने प्रारंभिक जांच से पहले आसूचना रिपोर्ट (आईआर) तैयार की थी। इसके बाद पीई दर्ज करने के लिए मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग से अनुमति मांगी गई थी। हालांकि, लगातार पत्राचार के बावजूद एसीबी को अब तक आवश्यक अनुमति नहीं मिल सकी है।
एसीबी ने जब भी अनुमति के लिए विभाग को पत्र भेजा, उसकी प्रतिलिपि लोकायुक्त कार्यालय को भी उपलब्ध कराई थी। इस तरह मामले में विभाग से अनुमति मिलने का मुद्दा लंबे समय से लंबित रहा।
प्रधान सचिव से मांगा गया कार्रवाई का पूरा ब्योरा
अब लोकायुक्त कार्यालय ने मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग के प्रधान सचिव को समन भेजकर यह जानकारी मांगी है कि एसीबी की ओर से भेजे गए पत्रों के आलोक में विभाग ने क्या कार्रवाई की है।
प्रधान सचिव को पांच नवंबर को सुबह 11 बजे तक संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। इसके लिए उन्हें स्वयं या अपने प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद लोकायुक्त कार्यालय मामले में आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगा।
2016 में सेवानिवृत्त हुए थे एनएन पांडेय
पूर्व गृह सचिव एनएन पांडेय वर्ष 2016 में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद वर्ष 2017 में उनके खिलाफ लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता ने पद पर रहते हुए कथित रूप से अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया था।
यह मामला लंबे समय से लोकायुक्त कार्यालय में लंबित है। रिपोर्ट के अनुसार, लोकायुक्त के रूप में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार गुप्ता के अप्रैल महीने में पदभार ग्रहण करने के बाद लंबित मामलों की फाइलों पर फिर से कार्रवाई शुरू हुई है। एनएन पांडेय से जुड़ा मामला भी उन्हीं फाइलों में शामिल है। अब विभाग से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद इस मामले में आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
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