धनबाद में टैक्स नहीं देने वालों पर बढ़ेगी सख्ती, हर महीने होगी वसूली की समीक्षा
- By rakesh --
- 30 Oct 2026 --
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धनबाद: धनबाद नगर निगम में पिछले दो महीने से बंद पड़ी टैक्स वसूली की प्रक्रिया फिर शुरू होने जा रही है। नगर निगम ने इसके लिए 11 राजस्व निरीक्षकों को 55 वार्डों की जिम्मेदारी सौंपी है। सभी राजस्व निरीक्षकों की यूजर आईडी और पासवर्ड जारी कर दिए गए हैं। साथ ही, उनके बीच वार्डों का बंटवारा भी कर दिया गया है। नगर आयुक्त आशीष गंगवार ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक कर राजस्व संग्रहण का काम ईमानदारी, पारदर्शिता और व्यवस्थित तरीके से शुरू करने का निर्देश दिया।
बैठक में सहायक नगर आयुक्त प्रकाश कुमार, प्रसून कौशिक, विशाल सिन्हा सहित निगम के सभी राजस्व निरीक्षक उपस्थित थे। बैठक का उद्देश्य लंबे समय से प्रभावित राजस्व संग्रहण व्यवस्था को दोबारा सक्रिय करना और टैक्स वसूली की प्रक्रिया को प्रभावी बनाना था।
11 राजस्व निरीक्षकों को 55 वार्डों की जिम्मेदारी
नगर निगम ने टैक्स वसूली के लिए राजस्व निरीक्षकों के बीच वार्डों का बंटवारा कर दिया है। प्रत्येक निरीक्षक को निर्धारित वार्डों में जाकर राजस्व संग्रहण का काम करना होगा। इसके लिए उन्हें अलग-अलग यूजर आईडी और पासवर्ड भी उपलब्ध कराए गए हैं।
नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि राजस्व संग्रहण में किसी भी तरह की लापरवाही, अनियमितता या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी निरीक्षकों को अपने निर्धारित दायित्वों का निष्ठापूर्वक पालन करने और आपसी समन्वय से टैक्स वसूली में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है।
यूजर आईडी और पासवर्ड किसी दूसरे को देने पर होगी कार्रवाई
बैठक में नगर आयुक्त ने डिजिटल व्यवस्था की सुरक्षा पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन राजस्व निरीक्षकों को यूजर आईडी और पासवर्ड जारी किए गए हैं, वे इसका इस्तेमाल स्वयं करेंगे। किसी दूसरे व्यक्ति को अपनी लॉगिन जानकारी देने की अनुमति नहीं होगी। ऐसा करने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
टैक्स भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सभी राजस्व निरीक्षकों को पीओएस मशीन भी उपलब्ध कराई गई है। इसके माध्यम से वे लोगों से टैक्स का भुगतान प्राप्त करेंगे। नगर आयुक्त ने आम नागरिकों से अपील की कि वे केवल नगर निगम के अधिकृत राजस्व निरीक्षकों को ही टैक्स का भुगतान करें और भुगतान के बाद रसीद जरूर लें।
बैंकमोड़ के डीएमसी मॉल में खुलेंगे दो काउंटर
नगर निगम की ओर से बैंकमोड़ स्थित डीएमसी मॉल में राजस्व संग्रहण के लिए दो काउंटर खोले जा रहे हैं। नगर आयुक्त के अनुसार, दो नवंबर से इन काउंटरों के माध्यम से टैक्स जमा करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इस व्यवस्था से लोगों को टैक्स भुगतान के लिए सुविधा मिलेगी और राजस्व संग्रहण का काम भी व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा। निगम का जोर डिजिटल भुगतान और अधिकृत माध्यमों से टैक्स जमा कराने पर है, ताकि भुगतान का रिकॉर्ड सुरक्षित रहे और किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका कम हो।
हर महीने होगी टैक्स वसूली की समीक्षा
नगर विकास विभाग ने नगर आयुक्त या उप नगर आयुक्त को हर महीने टैक्स संग्रहण की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। समीक्षा के दौरान राजस्व निरीक्षकों के प्रदर्शन और निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले हुई वसूली का आकलन किया जाएगा। टैक्स संग्रहण में पीछे रहने वाले राजस्व निरीक्षकों को शोकॉज जारी किया जा सकता है।
विभाग ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) के भवनों से भी संपत्ति कर की वसूली अनिवार्य रूप से करने को कहा है। इससे नगर निगम के राजस्व संग्रहण का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
दो महीने से ठप पड़ी टैक्स वसूली को दोबारा शुरू करने के इस फैसले से नगर निगम को राजस्व बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। अब व्यवस्था की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि राजस्व निरीक्षक अपने निर्धारित वार्डों में कितनी सक्रियता से काम करते हैं और निगम नियमित निगरानी के जरिए वसूली की प्रक्रिया को कितना प्रभावी बना पाता है।
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