रांची में सुबह से बारिश, हजारीबाग और बोकारो समेत कई जिलों में छाए बादल
- By rakesh --
- 28 Oct 2026 --
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रांची: झारखंड के कई जिलों में बुधवार सुबह मौसम का मिजाज बदल गया। राजधानी रांची में तेज हवाओं और मेघ गर्जन के साथ बारिश हुई। सुबह से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण मौसम में ठंडक महसूस की जा रही है। रांची के अलावा हजारीबाग, कोडरमा, चाईबासा, देवघर, गिरिडीह और बोकारो समेत कई जिलों में भी आसमान में घने बादल छाए रहने और बारिश होने की सूचना है।
बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम को इस बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, चक्रवात ‘अर्नब’ के नाम और झारखंड में उसके प्रभाव की आधिकारिक पुष्टि मौसम विभाग के बुलेटिन से करना जरूरी है।
रांची में सुबह से बारिश का दौर
राजधानी रांची में सुबह अचानक मौसम बदलने के बाद तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई। कई इलाकों में बादल गरजने की आवाज भी सुनाई दी। रुक-रुक कर बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली और मौसम ठंडा हो गया।
बारिश के कारण सड़कों पर फिसलन बढ़ने की आशंका है। ऐसे में कार्यालय जाने वाले लोगों, दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
कई जिलों में छाए घने बादल
रांची के साथ हजारीबाग, कोडरमा, चाईबासा, देवघर, गिरिडीह और बोकारो में भी मौसम प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। इन जिलों के कई इलाकों में घने बादल छाए हुए हैं। कुछ स्थानों पर रुक-रुक कर बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं।
मौसम की स्थिति में बदलाव के बीच लोगों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए। बारिश के दौरान जरूरी होने पर ही बाहर निकलें और खराब मौसम में खुले स्थानों पर अधिक समय बिताने से बचें।
मेघ गर्जन के दौरान सुरक्षित रहें
बारिश और बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। बिजली के खंभों, खुले मैदानों और ऐसे स्थानों से दूर रहें जहां तेज हवा के कारण वस्तुएं गिर सकती हैं। यदि आप वाहन चला रहे हैं, तो गति कम रखें और सामने चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखें।
तेज हवाओं के दौरान कमजोर छतों, अस्थायी ढांचों और लटकते तारों के आसपास जाने से भी बचें। मौसम खराब होने पर सुरक्षित इमारत के भीतर रहना बेहतर है।
किसानों को कटी फसल सुरक्षित रखने की सलाह
बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को अपनी कटी हुई फसल और कृषि उत्पादों को सुरक्षित स्थान पर रखने की जरूरत है। खुले में रखे अनाज को तिरपाल या अन्य उपयुक्त ढकाव से सुरक्षित किया जा सकता है। खेतों और भंडारण स्थलों पर जलभराव से बचाव के लिए भी जरूरी इंतजाम करने चाहिए।
फिलहाल, झारखंड के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव के बीच सावधानी बरतना जरूरी है। लोगों को मौसम विभाग के आधिकारिक अपडेट के अनुसार अपनी गतिविधियों की योजना बनानी चाहिए।
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