हेमंत सोरेन कैबिनेट के 62 फैसले, जानें पूरी जानकारी

हेमंत सोरेन कैबिनेट के 62 फैसले, जानें पूरी जानकारी

रांची: झारखंड में विकास योजनाओं को गति देने और आम लोगों से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को प्रोजेक्ट भवन में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 62 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में पेयजल, ग्रामीण विद्युतीकरण, कृषि, सिंचाई, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण, खनिज विकास और सरकारी कर्मचारियों की सेवा शर्तों से जुड़े विषयों पर निर्णय लिए गए।

कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य के 263 प्रखंडों में 7,890 नए चापाकल लगाने के लिए 96.55 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी। इसके साथ ही आदिवासी बहुल गांवों के अविद्युतीकृत टोलों तक बिजली पहुंचाने के लिए 184.52 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए चांडिल जलाशय से जुड़ी नीमडीह-कुकडू मेगालिफ्ट योजना पर 607.03 करोड़ रुपये खर्च करने की प्रशासनिक स्वीकृति भी दी गई।

263 प्रखंडों में पेयजल सुविधा बढ़ाने की तैयारी

ग्रामीण इलाकों में पेयजल की समस्या को दूर करने के उद्देश्य से सरकार ने नए चापाकल लगाने की योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत राज्य के 263 प्रखंडों में कुल 7,890 चापाकल लगाए जाएंगे। इस योजना के लिए 96 करोड़ 54 लाख 70 हजार 810 रुपये निर्धारित किए गए हैं।

वहीं, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत उन आदिवासी बहुल टोलों में बिजली पहुंचाने की योजना को भी मंजूरी मिली है, जहां अभी तक विद्युतीकरण नहीं हुआ है। इसके लिए 184.52 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिए समय पर कार्यान्वयन और सुविधाओं की उपलब्धता महत्वपूर्ण होगी।

गोड्डा में बनेगा 50 मीट्रिक टन क्षमता का पशु आहार कारखाना

डेयरी और पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए गोड्डा में नया पशु आहार कारखाना स्थापित किया जाएगा। झारखंड मिल्क फेडरेशन के माध्यम से बनने वाली इस इकाई की शुरुआती उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 50 मीट्रिक टन होगी। भविष्य में इसे बढ़ाकर 100 मीट्रिक टन प्रतिदिन करने की योजना है।

परियोजना की अनुमानित लागत 51.49 करोड़ रुपये है। इसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 30 करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से पशु आहार उत्पादन की क्षमता बढ़ाने और डेयरी क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

चांडिल मेगालिफ्ट सिंचाई योजना पर 607 करोड़ रुपये

कृषि क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए कैबिनेट ने सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह और कुकडू प्रखंडों में मेगालिफ्ट सिंचाई योजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना के तहत चांडिल जलाशय से पानी उठाकर भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।

इस कार्य के लिए 607.03 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा हजारीबाग की लोटिया जलाशय योजना के पुनरुद्धार और संबंधित कार्यों के लिए 32 करोड़ 17 लाख 6 हजार रुपये मंजूर किए गए हैं।

झारखंड जलछाजन योजना के तहत 28 परियोजनाओं की अवधि 31 मार्च 2027 तक बढ़ाने और शेष कार्यों के लिए अतिरिक्त राशि स्वीकृत करने का निर्णय भी लिया गया। इन योजनाओं का उद्देश्य जल संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और सिंचाई से जुड़ी सुविधाओं को आगे बढ़ाना है।

सड़क, बिजली और पुलिस थानों के लिए भी मंजूरी

कैबिनेट ने रांची की एदलहातु-बांकू सड़क के हस्तांतरण, चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और पुनर्निर्माण के लिए 30.08 करोड़ रुपये मंजूर किए। चाइबासा ग्रिड सब-स्टेशन में दो लाइन फीडर बे के निर्माण के लिए 26.78 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।

इसके साथ ही पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने वाली एजेंसी के लंबित भुगतान के लिए लगभग 1.17 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। इन फैसलों के जरिए सड़क संपर्क, बिजली व्यवस्था और निगरानी से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं के विकास को आगे बढ़ाने की योजना है।

भूमि अधिग्रहण के लिए बनेगा एकीकृत पोर्टल

सरकारी परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण से संबंधित रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से एकीकृत लैंड एक्विजिशन पोर्टल विकसित किया जाएगा। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। पोर्टल पर अधिगृहीत जमीन का विवरण एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की योजना है। इसके माध्यम से संबंधित भूमि का इतिहास भी देखा जा सकेगा।

सरकार ने झारखंड मिनरल्स एक्सप्लोरेशन एंड ब्लॉक डेवलपमेंट पॉलिसी-2026 को भी मंजूरी दी है। इस नीति का संबंध राज्य में खनिज ब्लॉकों के अन्वेषण और विकास की प्रक्रिया से है। इसके अतिरिक्त जन वितरण प्रणाली की दुकानों में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनों के सत्यापन और मुहरांकन शुल्क से दुकानदारों को छूट देने का निर्णय लिया गया।

सरकारी कर्मचारियों की सेवा शर्तों पर फैसले

राज्यकर्मियों की वेतन विसंगतियों, सेवा शर्तों में एकरूपता और एसीपी-एमएसीपी से जुड़े मामलों के समाधान के लिए नई उच्चस्तरीय समिति के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई है। इस समिति की अध्यक्षता राजस्व पर्षद के सदस्य करेंगे। वित्त सचिव और कार्मिक सचिव सदस्य होंगे, जबकि वित्त विभाग के विशेष सचिव सदस्य सचिव की भूमिका निभाएंगे।

सरकारी कर्मचारियों के निजी खर्च पर विदेश यात्रा की अनुमति से जुड़े नियमों को भी सरल किया गया है। अब वर्ग ‘ग’ और ‘घ’ के कर्मचारियों को उपार्जित अवकाश देने वाले सक्षम अधिकारी ही विदेश यात्रा की अनुमति दे सकेंगे।

कैबिनेट ने राज्य प्रोबेशन सेवा संशोधन नियमावली-2026 और झारखंड राज्य आयुष शैक्षणिक स्वास्थ्य सेवा नियमावली-2026 को भी मंजूरी दी। विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत संविदा पर कार्यरत क्षेत्रीय पदाधिकारियों और कर्मियों के मासिक मानदेय में संशोधन को भी स्वीकृति मिली।

सेवानिवृत्त अभियंता की प्रोन्नति और आर्थिक सर्वे को मंजूरी

न्यायालय के आदेश के अनुपालन में पथ निर्माण विभाग के सेवानिवृत्त कार्यपालक अभियंता राम कुमार सिंह को भूतलक्षी प्रभाव से अधीक्षण अभियंता के पद पर प्रोन्नति देने की मंजूरी दी गई।

इसके अलावा झारखंड आर्थिक सर्वेक्षण तैयार करने के लिए सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची के अर्थशास्त्र विभाग के डॉ. हरीश्वर दयाल और उनकी टीम का चयन किया गया। इस कार्य के लिए 18 लाख 37 हजार 500 रुपये के भुगतान को मंजूरी दी गई।

कैबिनेट के 62 फैसलों में राज्य की बुनियादी सुविधाओं, कृषि, खनिज विकास और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई विषय शामिल रहे। इन निर्णयों का लाभ आम लोगों तक पहुंचना संबंधित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और निर्धारित समयसीमा में काम पूरा होने पर निर्भर करेगा।

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