दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण सुधार को लेकर प्रदर्शन

दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण सुधार को लेकर प्रदर्शन, UGC इक्विटी नियमों के खिलाफ भी उठी आवाज

दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को आरक्षण व्यवस्था में सुधार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के इक्विटी नियमों के विरोध में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन का आयोजन ‘रिजर्वेशन रिफॉर्म आंदोलन’ के बैनर तले हुआ। इसका नेतृत्व NEET अभ्यर्थी हर्ष दुबे ने किया। प्रदर्शन में राजस्थान की जेनरल सेना, चाणक्य सेना और करणी सेना के कार्यकर्ताओं के शामिल होने की बात कही गई। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अजीत भारती भी प्रदर्शन स्थल पर मौजूद रहे।

प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग करते हुए इसे आर्थिक आधार से जोड़ने की मांग उठाई। साथ ही UGC के अब स्थगित किए जा चुके इक्विटी नियमों को लेकर भी विरोध जताया गया।

आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की उठी मांग

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने जाति के आधार पर लागू आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आरक्षण का लाभ आर्थिक रूप से जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना चाहिए।

कुछ प्रदर्शनकारियों ने SC/ST एक्ट के कथित दुरुपयोग का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि कानून का इस्तेमाल किसी व्यक्ति के खिलाफ गलत तरीके से नहीं होना चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान कई लोगों ने आरक्षण व्यवस्था को लेकर अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। हालांकि प्रदर्शन में शामिल लोगों की संख्या को लेकर कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया।

हनुमान चालीसा का पाठ और लगाए नारे

प्रदर्शन स्थल से सामने आए वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारी हनुमान चालीसा का पाठ करते और धार्मिक नारे लगाते दिखाई दिए। आयोजकों की ओर से दावा किया गया कि प्रदर्शन में देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग शामिल होने पहुंचे थे।

आयोजकों ने आरक्षण व्यवस्था में बदलाव और UGC इक्विटी नियमों के विरोध को आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है।

जंतर-मंतर पर अनुमति को लेकर भी रही स्थिति स्पष्ट नहीं

प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर कार्यक्रम की अनुमति को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी रही। दिल्ली पुलिस की सार्वजनिक सूचना के अनुसार, ‘रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन’ के पदाधिकारियों को आधिकारिक माध्यम से जानकारी दी गई थी और कानून के निर्देशों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण रहने को कहा गया था।

वहीं, आयोजक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पर अड़े रहे। हर्ष दुबे ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंच रहे लोगों को बाहर रोका जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि पुलिस के साथ कई घंटे बातचीत के बाद प्रदर्शन को रामलीला मैदान ले जाने के लिए कहा गया।

हालांकि, आयोजकों ने जंतर-मंतर पर ही अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखने की बात कही।

PM मोदी को ज्ञापन देने की बात

आंदोलन के नेतृत्वकर्ता हर्ष दुबे ने कहा कि प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन सौंपने तक मौके पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य आरक्षण व्यवस्था में ऐसा सुधार करना है, जिससे इसका लाभ वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके।

रिजर्वेशन हटाओ मिशन से जुड़े प्रतीक पांडे ने भी आरक्षण को आर्थिक आधार पर देने की मांग दोहराई। उन्होंने दावा किया कि देश के विभिन्न हिस्सों से लोग प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे हैं।

भारी सुरक्षा के बीच प्रदर्शन

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। दिल्ली पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों की तैनाती की गई। आसपास के इलाके में बैरिकेडिंग भी की गई थी।

आरक्षण सुधार को लेकर चल रहे अभियान के समर्थन में सोशल मीडिया पर भी लगातार गतिविधियां देखने को मिली हैं। आयोजकों के अनुसार, ऑनलाइन अभियान के बाद आंदोलन अब अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन के रूप में सामने आया है।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से आरक्षण व्यवस्था और UGC के नियमों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। साथ ही कहा कि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है।

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