JPSC-JSSC Student Protest: जयराम महतो ने शुरू किया 24 घंटे का निर्जला उपवास, छात्रों के समर्थन में सरकार को दी चेतावनी
- By rakesh --
- 09 Aug 2026 --
- comments are disable
JPSC-JSSC Student Protest: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के समर्थन में जेएलकेएम विधायक जयराम महतो ने रविवार सुबह पुराना विधानसभा परिसर में 24 घंटे का निर्जला उपवास शुरू किया। उन्होंने सुबह 6:50 बजे से उपवास की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने पानी नहीं पीने का संकल्प लिया है। जयराम महतो ने कहा कि इस उपवास का उद्देश्य आंदोलनकारी छात्रों की मांगों को सरकार तक मजबूती से पहुंचाना और मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग करना है।
25 जुलाई से आंदोलन कर रहे हैं छात्र
उपवास के दौरान जयराम महतो ने कहा कि छात्र 25 जुलाई से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनके अनुसार, लंबे समय से आंदोलन जारी रहने के बावजूद सरकार की ओर से अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई है। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज अब व्यापक स्तर पर पहुंच रही है, लेकिन सरकार तक उनकी बात प्रभावी तरीके से पहुंचाने के लिए उन्होंने निर्जला उपवास का रास्ता चुना है। जयराम महतो ने कहा कि एक दिन का यह उपवास छात्रों की मांगों को सरकार तक पहुंचाने की कोशिश है। अब सरकार की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है, इस पर आंदोलनकारियों की नजर रहेगी।
मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
जयराम महतो ने कहा कि यदि सरकार छात्रों की मांगों पर ठोस पहल करती है तो यह सकारात्मक परिणाम होगा। लेकिन यदि सरकार की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होती है, तो आंदोलन की अगली रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि मांगों के समाधान के लिए आगे भी संघर्ष जारी रखा जाएगा।
JPSC-JSSC परीक्षाओं को रद्द करने की मांग
आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में TDPL द्वारा आयोजित JPSC और JSSC की नियुक्ति परीक्षाओं को रद्द करना शामिल है। आंदोलनकारियों की ओर से इन परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की जा रही है। इसके अलावा कथित गड़बड़ियों में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई गई है। आंदोलनकारी पूरे मामले की जांच CBI और ED से कराने की मांग कर रहे हैं।
आयोग के पदाधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग
आंदोलनकारियों ने JPSC और JSSC के पदाधिकारियों की कथित भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग रखी है। उनका कहना है कि परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं की पारदर्शी तरीके से जांच होनी चाहिए। छात्रों की मांग है कि यदि जांच में किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। फिलहाल जयराम महतो का 24 घंटे का निर्जला उपवास जारी है। इस उपवास के बाद सरकार की ओर से क्या कदम उठाया जाता है और छात्र आंदोलन की आगे की दिशा क्या होगी, यह देखने वाली बात होगी।