JPSC Student Protest: सरकार-छात्र वार्ता बेनतीजा, 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान
- By rakesh --
- 08 Aug 2026 --
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रांची: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच शुक्रवार को स्टेट गेस्ट हाउस में करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत हुई। बैठक में छात्रों ने अपनी विभिन्न मांगें सरकार के सामने रखीं। हालांकि, वार्ता के दौरान किसी प्रमुख मांग पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद छात्रों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।
सरकार ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनने की बात कही
बैठक के बाद झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने वार्ता को सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों की सभी बातों को विस्तार से सुना गया है। सरकार उनकी मांगों और चिंताओं पर गंभीरता से विचार करेगी और आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर JPSC से जुड़े मामलों की CID जांच निष्पक्ष तरीके से चल रही है। सरकार ने छात्रों से आंदोलन समाप्त करने की अपील भी की है।
छात्रों ने कहा- मांगों पर नहीं मिला ठोस आश्वासन
बैठक में शामिल छात्र प्रतिनिधियों के मुताबिक, सरकार ने उनका मांग पत्र स्वीकार कर लिया है, लेकिन मांगों के समाधान को लेकर कोई स्पष्ट निर्णय या ठोस समयसीमा नहीं दी गई। छात्रों का कहना है कि सरकार को उनकी मांगों की पूरी जानकारी नहीं थी, जिसे बैठक के दौरान विस्तार से बताया गया। छात्र प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
10 अगस्त को विधानसभा घेराव पर अड़े छात्र
वार्ता के बाद छात्र नेताओं ने कहा कि 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव कार्यक्रम पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार होगा। उन्होंने झारखंड के अभ्यर्थियों और युवाओं से बड़ी संख्या में रांची पहुंचने की अपील की है। छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा और वे अपनी मांगों को सरकार के सामने मजबूती से रखते रहेंगे।
14वें दिन सरकार के साथ हुई औपचारिक बातचीत
JPSC-JSSC विवाद को लेकर छात्रों का आंदोलन शुक्रवार को 14वें दिन भी जारी रहा। इसी बीच सरकार ने छात्र प्रतिनिधियों के साथ औपचारिक बातचीत की पहल की। छात्रों का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचा, जहां सरकार की ओर से मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारी के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे चर्चा की। छात्रों की ओर से रवीन्द्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रवींद्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार वार्ता में शामिल हुए। वहीं सरकार की ओर से मंत्री दीपिका पांडे सिंह, सुदिव्य कुमार सोनू, चमरा लिंडा, संजय यादव और अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह बैठक में मौजूद रहे।
14वीं JPSC परीक्षा को लेकर क्या है छात्रों की मांग?
आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि 14वीं JPSC परीक्षा में अनियमितताएं और कदाचार के मामले सामने आए हैं। छात्र इस परीक्षा के पीटी परिणाम को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा जिन अन्य परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं, उनकी भी जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की जा रही है। छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और परीक्षा से जुड़े विवादों का निष्पक्ष तरीके से समाधान होना चाहिए।
सरकार ने CID जांच का दिया हवाला
सरकार की ओर से बताया गया है कि JPSC से जुड़े मामलों की जांच CID कर रही है। सरकार का दावा है कि जांच एजेंसी मामले में गंभीरता से कार्रवाई कर रही है और अब तक कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। फिलहाल सरकार और छात्रों के बीच हुई वार्ता से कोई अंतिम समाधान नहीं निकल पाया है। ऐसे में छात्रों का आंदोलन आगे भी जारी रहने की संभावना है और 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव पर सभी की नजर रहेगी।
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