गंगा ने तोड़े पुराने रिकॉर्ड, पटना समेत 12 जिलों में बाढ़ का अलर्ट

Bihar Flood 2026: गंगा ने तोड़े पुराने रिकॉर्ड, पटना समेत 12 जिलों में बाढ़ का अलर्ट

पटना: बिहार में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और कई स्थानों पर पुराने रिकॉर्ड टूट गए हैं। रविवार को पटना जिले के पंडारक, दानापुर और बंकाघाट में गंगा का जलस्तर पिछले उच्चतम स्तर से ऊपर दर्ज किया गया। वहीं, कोसी और गंडक नदियों में भी पानी बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है।

पंडारक, दानापुर और बंकाघाट में टूटा पुराना रिकॉर्ड

पंडारक में रविवार को गंगा का जलस्तर 43.92 मीटर दर्ज किया गया। इससे पहले वर्ष 2021 में यहां गंगा का सबसे अधिक जलस्तर 43.73 मीटर दर्ज हुआ था। इस बार जलस्तर पुराने रिकॉर्ड से 0.19 मीटर ऊपर पहुंच गया है।

दानापुर में गंगा का जलस्तर 52.63 मीटर दर्ज किया गया, जबकि वर्ष 2021 में यहां अधिकतम जलस्तर 52.61 मीटर था। इस तरह यहां भी गंगा पुराने रिकॉर्ड को पार कर गई है।

बंकाघाट में गंगा का जलस्तर 49.47 मीटर दर्ज हुआ। यहां वर्ष 2021 में सबसे अधिक जलस्तर 49.44 मीटर था। लगातार बढ़ते पानी के कारण इस केंद्र पर भी पुराना रिकॉर्ड टूट गया।

हाथीदह में भी रिकॉर्ड टूटने की आशंका

हाथीदह में गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंता बनी हुई है। संभावना जताई जा रही है कि नदी का पानी उच्चतम बाढ़ स्तर यानी एचएफएल को पार कर सकता है।

कोसी-सीमांचल और पूर्वी बिहार के कई क्षेत्रों में नदियों का पानी तेजी से फैल रहा है। कोसी नदी में पानी का डिस्चार्ज बढ़ा है, जबकि गंगा कई स्थानों पर खतरे के निशान के ऊपर बह रही है।

मुंगेर, लखीसराय और भागलपुर के कई रिहायशी इलाकों तक पानी पहुंचने की जानकारी सामने आई है। भागलपुर में भी गंगा का जलस्तर वर्ष 2021 के ऐतिहासिक रिकॉर्ड के करीब पहुंच गया है।

एनएच-80 पर पानी, श्रीरामपुर का रिंग बांध टूटा

अकबरनगर के भवनाथपुर के पास एनएच-80 पर पानी चढ़ गया है। रविवार दोपहर पानी का दबाव बढ़ने के बाद श्रीरामपुर का रिंग बांध टूट गया।

बांध टूटने के बाद श्रीरामपुर गांव चारों ओर से पानी से घिर गया, जिससे गांव टापू जैसी स्थिति में पहुंच गया। प्रभावित इलाकों में प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

गंगा किनारे के 12 जिलों में प्रशासन अलर्ट

जल संसाधन विभाग के अनुसार, मुंगेर और भागलपुर की ओर गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। राहत और बचाव कार्यों को तेज किया गया है तथा संवेदनशील क्षेत्रों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं।

गंगा किनारे के 12 जिलों में प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। इनमें बक्सर, भोजपुर, पटना, वैशाली, सारण, बेगूसराय, समस्तीपुर, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, भागलपुर और कटिहार शामिल हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, अगले एक से तीन दिन हाथीदह और इसके बाद के जलमाप केंद्रों के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार के गंगा किनारे वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पुनपुन और कोसी नदी में भी बढ़ा पानी

पटना के श्रीपालपुर में पुनपुन नदी का जलस्तर रविवार दोपहर 2 बजे 53.45 मीटर दर्ज किया गया। शनिवार की तुलना में इसमें 10 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई। हालांकि यहां वर्ष 1976 में पुनपुन का सबसे ऊंचा जलस्तर 53.91 मीटर दर्ज किया गया था।

वहीं, सोन नदी के इंद्रपुरी बराज से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा में कमी आई है। रविवार सुबह 10 बजे 2,27,717 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जो दोपहर 2 बजे घटकर 2,01,092 क्यूसेक रह गया।

इसके विपरीत वीरपुर बराज से कोसी नदी में पानी का डिस्चार्ज बढ़ा है। सुबह 10 बजे 1,69,225 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जो दोपहर 2 बजे बढ़कर 1,81,145 क्यूसेक हो गया।

गंडक नदी के वाल्मीकिनगर बराज से रविवार सुबह 1,29,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया और दोपहर तक इसका स्तर स्थिर बना रहा। बिहार में लगातार बढ़ते नदी जलस्तर को देखते हुए प्रशासन प्रभावित और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बनाए हुए है।

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