बाढ़ के पानी से घिरा अर्धनारीश्वर मंदिर, श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक

Patna Flood: बाढ़ के पानी से घिरा अर्धनारीश्वर मंदिर, श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक

पटना। जिले के चंडासी इलाके में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। पुनपुन और दरधा नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के कारण अब प्रसिद्ध अर्धनारीश्वर मंदिर परिसर भी बाढ़ के पानी से घिर गया है। मंदिर की ओर तेजी से बढ़ते पानी और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए मंदिर के सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए हैं।

मंदिर परिसर के आसपास पानी फैलने से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ गई है। फिलहाल श्रद्धालुओं को मंदिर के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है।

मंदिर के चारों ओर फैला बाढ़ का पानी

बाढ़ का पानी मंदिर परिसर के चारों ओर फैल गया है, जिससे पूरा इलाका जलमग्न दिखाई दे रहा है। मंदिर परिसर में बने सैकड़ों हवन कुंड भी पानी में डूब गए हैं।

जानकारी के अनुसार, पानी धीरे-धीरे मंदिर के मुख्य हिस्से की ओर बढ़ रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।

श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे फिलहाल मंदिर परिसर की ओर जाने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

चंडासी इलाके में सड़कें भी हुईं क्षतिग्रस्त

चंडासी क्षेत्र में बाढ़ का असर सबसे पहले सड़क संपर्क पर दिखाई दिया। पानी का दबाव बढ़ने के कारण कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से आसपास के दर्जनों गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। लगातार बढ़ते पानी के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अब बाढ़ का पानी मंदिर परिसर तक पहुंचने के बाद इलाके में स्थिति को लेकर चिंता और बढ़ गई है। स्थानीय लोग जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

108 फीट ऊंची अर्धनारीश्वर प्रतिमा बना आकर्षण का केंद्र

अर्धनारीश्वर मंदिर की विशेष पहचान यहां स्थापित 108 फीट ऊंची विशाल अर्धनारीश्वर प्रतिमा है। इसे दुनिया की सबसे बड़ी अर्धनारीश्वर प्रतिमाओं में शामिल बताया जाता है।

मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्थानीय क्षेत्र का प्रमुख आकर्षण भी है। बाढ़ का पानी मंदिर परिसर के आसपास पहुंचने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

हालांकि फिलहाल सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मंदिर परिसर में लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है।

जलमग्न क्षेत्रों में नहीं जाने की अपील

इलाके में बाढ़ का पानी जमा होने के बीच कुछ स्थानों पर बच्चों के पानी में स्नान करने के दृश्य भी सामने आए हैं। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर लोगों से अपील की जा रही है कि वे बाढ़ के पानी में जाने से बचें।

लोगों को विशेष रूप से जलमग्न क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से प्रवेश नहीं करने की सलाह दी गई है। बढ़ते जलस्तर के कारण पानी के बहाव और गहराई का सही अनुमान लगाना मुश्किल हो सकता है।

जलस्तर बढ़ा तो और गंभीर हो सकती है स्थिति

पुनपुन और दरधा नदियों का जलस्तर यदि इसी तरह बढ़ता रहा तो चंडासी और आसपास के गांवों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

स्थानीय लोगों ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव की व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। प्रशासन की ओर से भी जलस्तर और प्रभावित इलाकों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

फिलहाल अर्धनारीश्वर मंदिर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने और जलमग्न क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की जा रही है।

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