JPSC CID Probe: एल खियांग्ते की जमानत खारिज, पूर्व अध्यक्ष को कोर्ट से नहीं मिली राहत
- By rakesh --
- 05 Sep 2026 --
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रांची। 14वीं जेपीएससी परीक्षा फर्जीवाड़ा मामले में गिरफ्तार झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को फिलहाल अदालत से राहत नहीं मिली है। सीआईडी की विशेष अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। जमानत पर सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।
बचाव पक्ष ने ठोस साक्ष्य नहीं होने का दिया तर्क
सुनवाई के दौरान एल खियांग्ते की ओर से उनके अधिवक्ता ने अदालत में जमानत के पक्ष में दलील रखी। बचाव पक्ष का कहना था कि उनके मुवक्किल के खिलाफ ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं है, जिससे आपराधिक साजिश में उनकी संलिप्तता साबित हो सके।
अधिवक्ता ने यह भी दलील दी कि सीआईडी की ओर से की गई छापेमारी के दौरान कोई ऐसा आपत्तिजनक दस्तावेज या सामग्री बरामद नहीं हुई, जो एल खियांग्ते के खिलाफ सीधे तौर पर साक्ष्य के रूप में सामने आए। बचाव पक्ष ने कहा कि केवल आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति को लंबे समय तक जेल में रखना उचित नहीं है और उन्हें जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए।
सीआईडी ने भूमिका को बताया गंभीर
दूसरी ओर, सीआईडी ने जांच के दौरान सामने आए तथ्यों का हवाला देते हुए एल खियांग्ते की भूमिका को गंभीर बताया। जांच एजेंसी के अनुसार, ब्लैकलिस्टेड निजी कंपनी ट्रिपल डी डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) को JPSC की परीक्षाओं के आयोजन का काम दिलाने में एल खियांग्ते की कथित मुख्य भूमिका रही।
सीआईडी ने यह भी आरोप लगाया कि पूरे मामले में भारी कमीशन लेने से जुड़े तथ्य जांच के दौरान सामने आए हैं। इन्हीं आरोपों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर एजेंसी ने अदालत के समक्ष जमानत का विरोध किया।
साक्ष्य नष्ट करने की कोशिश का भी आरोप
सीआईडी ने पूछताछ के दौरान साक्ष्य नष्ट करने की कोशिश से जुड़े तथ्यों का भी अदालत में उल्लेख किया। जांच एजेंसी का कहना है कि पूछताछ के दौरान ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे साक्ष्यों को प्रभावित करने या नष्ट करने की कोशिश की आशंका जुड़ती है।
इसी आधार पर एल खियांग्ते को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद से वह न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। अब अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद उनकी न्यायिक हिरासत फिलहाल जारी रहेगी।
JPSC परीक्षा अनियमितता मामले की जांच जारी
यह मामला JPSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और परीक्षा संचालन में निजी एजेंसियों की भूमिका को लेकर चल रही जांच का हिस्सा है। सीआईडी इस मामले में पूर्व अधिकारियों, संबंधित निजी कंपनी के प्रतिनिधियों और अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
जांच एजेंसी मामले से जुड़े साक्ष्यों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है। 14वीं JPSC परीक्षा से जुड़े इस मामले में पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
फिलहाल जेल में ही रहेंगे एल खियांग्ते
सीआईडी की विशेष अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद एल खियांग्ते को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। वहीं, जांच एजेंसी मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच आगे बढ़ा रही है।
JPSC परीक्षा फर्जीवाड़ा मामले में अदालत का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब सीआईडी मामले में कथित अनियमितताओं और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
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