अष्टमी पर शराबबंदी से लेकर डीजे बैन तक, बंगाल सरकार ने जारी किए दुर्गा पूजा के नियम
- By rakesh --
- 08 Sep 2026 --
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कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने इस वर्ष दुर्गा पूजा के आयोजन को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। सरकार ने छोटी दुर्गा पूजा समितियों को आर्थिक सहायता के रूप में एक लाख रुपये तक का सरकारी अनुदान देने का फैसला किया है। वहीं, दुर्गा पूजा के दौरान अष्टमी के दिन राज्यभर में शराब की दुकानें और बार बंद रखने की घोषणा की गई है।
सरकार की ओर से यह निर्णय दुर्गा पूजा की तैयारियों को लेकर पूजा समितियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक के बाद लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन छोटी पूजा समितियों को आर्थिक सहायता के बिना आयोजन करने में कठिनाई होती है, उन्हें सरकार की ओर से एक लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा।
हालांकि, बड़े बजट वाली पूजा समितियों से सरकारी आर्थिक सहायता नहीं लेने की अपील की गई है। अनुदान प्राप्त करने के लिए पूजा समितियों को अपने स्थानीय थाने में आवेदन करना होगा।
अष्टमी पर शराबबंदी, डीजे बजाने की अनुमति नहीं
दुर्गा पूजा और विसर्जन के दौरान ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने डीजे के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने की बात कही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पूजा या विसर्जन के दौरान राज्य में कहीं भी डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी।
इसके अलावा अष्टमी के दिन राज्यभर में शराब की दुकानों के साथ-साथ बार भी बंद रहेंगे। सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों को पूजा आयोजन या जुलूस के कारण बाधित नहीं करने का भी निर्देश दिया है।
पूजा समितियों को मुफ्त बिजली और अग्निशमन अनुमति
सरकार ने पूजा समितियों के लिए बिजली शुल्क नहीं लेने का भी फैसला किया है। इसके लिए विद्युत वितरण कंपनियों के साथ बातचीत की जा चुकी है। कोलकाता समेत राज्यभर की पूजा समितियों को इस व्यवस्था का लाभ मिलने की बात कही गई है।
वहीं, पूजा पंडालों के लिए अग्निशमन विभाग से आवश्यक अनुमति लेने पर भी समितियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य पूजा आयोजन करने वाली समितियों को आर्थिक राहत देना बताया गया है।
महालया पर ईडन गार्डेन में विशेष कार्यक्रम
इस वर्ष दुर्गा पूजा की शुरुआत को विशेष बनाने के लिए महालया के दिन कोलकाता के ईडन गार्डेन में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। पर्यटन विभाग और सूचना एवं संस्कृति विभाग की ओर से ड्रोन शो और आतिशबाजी की व्यवस्था भी की जाएगी।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रित किए जाने की बात कही गई है। इसके अलावा राज्य के कई शहरों में महालया के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई गई है।
24 अक्टूबर तक विसर्जन करने की अपील
सरकार ने पूजा समितियों को धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का ध्यान रखते हुए प्रतिमा और पंडाल तैयार करने की सलाह दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी ऐसी थीम से बचा जाना चाहिए, जिससे धार्मिक या सांस्कृतिक भावनाओं को ठेस पहुंचे।
सरकार के अनुसार, इस बार महालया से पहले पूजा पंडालों के उद्घाटन की अनुमति नहीं होगी। पूजा पंडालों का उद्घाटन देवी पक्ष शुरू होने के बाद ही किया जाएगा।
कोजागरी लक्ष्मी पूजा 25 अक्टूबर को होने के कारण दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन 24 अक्टूबर तक पूरा करने की बात कही गई है। विसर्जन घाटों पर क्रेन के उपयोग की अनुमति भी नहीं होगी।
दिव्यांग और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधा
सरकार ने दिव्यांगजनों और वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था करने का भी फैसला किया है। कोलकाता के चार प्रमुख घाटों को विशेष रूप से सजाने की योजना है।
इस वर्ष भी राज्य सरकार की ओर से शारद सम्मान दिया जाएगा। श्रेष्ठ प्रतिमा, बेहतर मंडप, पर्यावरण-अनुकूल पूजा, उत्कृष्ट भीड़ प्रबंधन और प्रतिमा शिल्प सहित विभिन्न श्रेणियों में पूजा समितियों को सम्मानित किया जाएगा।
वहीं, सरकार ने इस वर्ष दुर्गा पूजा कार्निवाल आयोजित नहीं करने का फैसला किया है। इस प्रकार वर्ष 2026 की दुर्गा पूजा में आर्थिक सहायता, नई व्यवस्थाओं और कई प्रशासनिक नियमों के साथ आयोजन की तैयारी की जा रही है।
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