Ranchi News: बारिश और जलजमाव से बढ़ा लेप्टोस्पायरोसिस का खतरा, 130 से ज्यादा मरीज मिले
- By rakesh --
- 01 Sep 2026 --
- comments are disable
रांची: बारिश के मौसम में जलजमाव और दूषित पानी के कारण लेप्टोस्पायरोसिस संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। राजधानी रांची के एक निजी अस्पताल में जुलाई और अगस्त के दौरान 130 से अधिक मरीजों में इस संक्रामक बीमारी की पहचान हुई। चिकित्सकों के अनुसार, सभी मरीजों का इलाज किया गया और अब वे स्वस्थ हैं।
बारिश के दौरान जलजमाव वाले क्षेत्रों में दूषित पानी के संपर्क में आने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। चिकित्सकों ने लोगों को ऐसे स्थानों पर सावधानी बरतने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।
संक्रमित चूहों के मल-मूत्र से फैलता है बैक्टीरिया
चिकित्सकों के अनुसार, लेप्टोस्पायरोसिस का प्रमुख स्रोत संक्रमित चूहे और कुछ अन्य जानवर हैं। इनके मल-मूत्र से निकलने वाला लेप्टोस्पाइरा बैक्टीरिया पानी और मिट्टी को संक्रमित कर सकता है।
इसके बाद जब कोई व्यक्ति संक्रमित पानी या मिट्टी के संपर्क में आता है, तो बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर सकता है। बारिश के मौसम में जलजमाव के कारण ऐसे संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है।
जलजमाव में नंगे पैर चलने से खतरा
रानी हॉस्पिटल की निदेशक डॉ. सोनी सिन्हा ने बताया कि बारिश के दौरान चूहों का पेशाब पानी और मिट्टी में मिल सकता है। ऐसे दूषित पानी के संपर्क में आने से संक्रमण की आशंका रहती है।
खासकर जलजमाव वाले इलाकों में नंगे पैर चलने या लंबे समय तक दूषित पानी में रहने से जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए बारिश के दौरान लोगों को जलजमाव वाले स्थानों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचने की सलाह दी गई है।
शरीर पर घाव होने पर संक्रमण की आशंका अधिक
चिकित्सकों के मुताबिक, शरीर पर कट या घाव होने की स्थिति में लेप्टोस्पाइरा बैक्टीरिया के शरीर में प्रवेश करने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में जलजमाव या दूषित पानी के संपर्क में आने से विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
बारिश के मौसम में लोगों को साफ पानी और स्वच्छता पर ध्यान देने के साथ दूषित पानी के सीधे संपर्क से बचने की सलाह दी गई है।
साफ-सफाई और सावधानी जरूरी
चिकित्सकों ने लोगों से बारिश के दौरान जलजमाव वाले इलाकों में सावधानी बरतने को कहा है। विशेष रूप से नंगे पैर पानी में चलने से बचना और शरीर पर मौजूद घाव को दूषित पानी के संपर्क में आने से रोकना जरूरी बताया गया है।
रांची में जुलाई और अगस्त के दौरान सामने आए 130 से अधिक मामलों के बाद चिकित्सकों ने मानसून के दौरान संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को सतर्क रहने और स्वच्छता का ध्यान रखने की सलाह दी है।
यह भी पढ़ें: Ranchi News: राहुल गांधी के खिलाफ FIR पर कांग्रेस का प्रदर्शन, केंद्र सरकार का पुतला फूंका